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युगों के पुण्य का प्रताप है भागवत कथा  महोत्सव: दिवाकर शास्त्री
January 4, 2020 • Dr. Surendra Sharma


-- ब्रहम भट्ट बगीची बागोर भवन में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ प्रारंभ
जयपुर।  ब्रहम भट्ट बगीची जागेश्वर महादेव मंदिर बागोर भवन कल्याण जी का रास्ता में गुरुवार को 26 वा श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव पोथी पूजन और भगवान की आरती के साथ प्रारंभ हुआ। महोत्सव के प्रथम दिन ज्ञान मूर्ति कथावाचक दिवाकर शास्त्रीजी महाराज ने श्रीमद् भागवत कथा महात्तम, नारद चरित्र, भीष्म स्तुति पर भाव पूर्वक प्रवचन किए। इस अवसर पर भगवान के जयकारो से आयोजन स्थल भक्तिमय हो गया
 इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं को व्यासपीठ से शास्त्री जी ने बताया कि भागवत कथा कराने वाला सुनने वाला और इसका श्रेय लेने वाला पुण्य का भागी होता है। जगत के पालनहार भगवान श्री कृष्ण की जीवनी पर आधारित वट वृक्ष रुपी विराट यह कथा अनंत फलदाई है। भागवत कथा सुनने से जन्मों-जन्मों के कष्टों से मुक्ति के साथ ही ईह और परलोक भी सुधरते हैं। ऐसा श्रीमद् भागवत कथा पुराण में वर्णित है। 
जगत के पालनहार भगवान की महिमा को कौन नहीं सुनना चाहता। उन्होंने बताया कि आज जो कुछ भी घटनाएं हो रही है प्राकृतिक अप्राकृतिक उन सब के पीछे हमारी कहीं भूल है। भगवान का नियमित दर्शन, श्रवण और शास्त्रों का अध्ययन करना छोड़ दिया है, उन्होंने बताया कलयुग में भागवत कथा ही पार लगाने वाली है।
 इसके बाद उन्होंने नारद चरित्र प्रसंग पर बताया कि देवर्षि नारद धर्म के प्रचार तथा लोक-कल्याण हेतु सदैव प्रयत्नशील रहते हैं। शास्त्रों में इन्हें भगवान का मन कहा गया है। इसी कारण सभी युगों में, लोकों में, विद्याओं में तथा समाज के सभी वर्गो में सदा से एक महत्त्वपूर्ण स्थान रहा है। मात्र देवताओं ने ही नहीं, वरन् दानवों ने भी उन्हें सदैव आदर दीया है। भीष्म स्तुति प्रसंग में बताया कि श्री भीष्म पितामहजी ने अंत  में भगवान श्री कृष्ण
की अद्भुत स्तुति की । जो भी भक्त इस स्तुति को भाव पूर्वक 
पढ़ेगा, या सुनेगा और याद करके जीवन में उतारेगा उसके
ह्दय में भगवान श्री कृष्ण विराजमान रहेंगे। आयोजन के तहत शुक्रवार को भागवत कथा का विराट वर्णन, कपिल आख्यान और सती चरित्र प्रसंग पर प्रवचन होंगे। आयोजन की कड़ी में 9 जनवरी से नानी बाई को मायरो,11 जनवरी को श्री श्याम जी का जागरण और 12 जनवरी को रुद्राभिषेक और पोष बड़ा महोत्सव मनाया जाएगा।