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यूपी से आए 300 लोगों ने हिंसा फैलाई, दिल्ली पुलिस ने 36 घंटे में दंगे रोककर अपना काम बखूबी निभाया
March 12, 2020 • Dr. Surendra Sharma

एजेंसी

नई दिल्ली। दिल्ली दंगों के 15 दिन बाद पहली बार सरकार ने सदन में जवाब दिया। दिल्ली दंगों पर चर्चा के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि फेस आइडेंटिफिकेश सॉफ्टवेयर के जरिए 1100 लोगों की पहचान की गई। जांच में पता चला है कि 300 दंगाई उत्तर प्रदेश से आए थे और उन्होंने दंगा भड़काया। उन्होंने दिल्ली पुलिस की HIROIझान कहा कि पुलिस ने 36 घंटे में इन दंगों पर काब कर अपना काम बखूबी निभाया है। शाह ने सदन में जानकारी दी कि दंगों को फाइनेंस करने वाले 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। 60 अकाउंट दंगों के दौरान एक्टिव थे और दंगे खत्म होते ही यह बंद हो गए। उन्होंने कहा कि दंगों में हिंदु और मुसलमान की नहीं, भारतीयों की जान गई, भारतीयों की दुकान जली। शाह ने सदन को आश्वस्त किया कि पूछताछ के लिए किसी को भी बुलाया जा सकता है, लेकिन गिरफ्तारी उसकी की होगी, जिसके खिलाफ पुख्ता सबूत होंगे और पहले इन सबूतों की जांच की जाएगी।

शाह ने कहा-सीएए को लेकर सदन में पूरी स्पष्टता बरती गई। लेकिन, इसी को लेकर पूरे देश, अल्पसंख्यक युवाओं को गुमराह किया गया। अलग-अलग तरह से चीजें फैलाई गईं। 24 फरवरी के पहले सीएए के विरोध से ज्यादा सीएए के समर्थन में देशभर में रैलियां निकलीं। 27 से ज्यादा रैलियों में मैं खुद गया हूं। 14 दिसंबर को एंटी सीएए रैली की गई। एक पार्टी के नेता ने कहा कि अगर घर से बाहर नहीं निकलोगे तो कायर कहलाओगे, आर-पार की लड़ाई लड़ो। 16 दिसंबर को शाहीन बाग का धरना शुरू हुआ और वहीं से इसकी शुरुआत हुई। एक संगठन है यूनाइटेड अगेंस्ट हेट, 17 फरवरी को रैली की कि 24 फरवरी को जब ट्रम्प आएंगे तो हम उन्हें बताएंगे कि यहां की सरकार क्या कर रही है। हम सभी को बुलाते हैं कि वो इस दिन सड़कों पर निकलें। 19 फरवरी को वारिस पठान ने कहा कि जो चीज मांगने से नहीं मिलती, वो छीननी पड़ती है। हम 15 करोड़ हैं, लेकिन 100 करोड़ पर भारी पड़ेंगे और आप रोड पर निकलिए। सोनिया और वारिस पर निशाना... रैलियों में हेट स्पीच दी गई