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तनाव, नशा, संक्रमण से बढ़ा पुरुष निःसंतानता का खतरा
November 21, 2019 • Dr. Surendra Sharma

कार्यालय संवाददाता

जयपुर | शादी के कुछ समय बाद आईवीएफ स्पेशलिस्ट और नीलकंठ फर्टिलिटी हास्पीटल हर कोई संतान का सुख प्राप्त करना चाहता है। लेकिन बदलते उदयपुर के साइंटिफिक माहौल में करियर बनाने की डायरेक्टर डॉ. आशीष सूद ने जद्दोजहद या तनाव, नशे की? बताया कि, पुरुष निसंतानता की आदत और कई तरह के संक्रमण, समस्या पिछले दो दशकों में तेजी पुरुषों में निसंतानता का बड़ा से बढ़ी है। पुरुष इस समस्या को कारण बन रहे हैं। आमतौर पर छपा लेते हैं जबकि अन्य किसी दंपत्ति के संतान सुख न बीमारियों की तरह यह भी ठीक पाने का दोष महिला को ही दिया हो सकती है। पुरुष निसंतानता जाता है, लेकिन संतान पाने के के लिए अब आई.वी.एफ. लिए महिला व पुरुष दोनों का प्रणाली में इक्सी व इम्सी जैसी सेहतमंद होना जरूरी होता है। अत्याधुनिक तकनीक द्वारा बहुत दुनियाभर में करीब 15 प्रतिशत कम या निल शुक्राणु वाले पुरुष जोड़े निसंतान हैं, इनमें से आधे भी पिता बन सकते हैं। तकनीकों से हो सकता है इलाज शुक्राणु कम बनते हैं डॉ. आशीष सूद बताते हैं कि, पुरूष निसंतानता का प्रमुख कारण तनावपूर्ण लाइफ स्टाइल, खाद्य पदार्थों में मिलावट, प्रदूषण, नशीले पदार्थों का सेवन (जैसे शराब, तंबाकू आदि) और जननांगों में संक्रमण है। इन सभी कारणों के चलते पुरूष निसंतानता की स्थिति हो सकती है। इनमें कम शुक्राणु उत्पादन, शुक्राणु की अनियमित गतिविधि, शुक्राणु का असमान आकार, सीमेन में स्पर्म न होना (एजोस्पर्मिया), शुक्राणु निरसन मार्ग में बाधा कारण होते हैं। इसके अलावा कई बार अन्य बीमारियों, चोट लगने, कीमोथैरेपी, आनुवांशिक विकार, असंतुलित हार्मोन, पुरानी स्वास्थ्य समस्याए और कुछ अन्य कारक भी पुरुष निसंतानता के मूल कारण बनते हैं। कैसे पता चले कि पुरुष निःसंतानता है अंडकोष में दर्द या सूजन होना, संसर्ग की इच्छा कम होना, हार्मोनल समस्या (पिट्यूटरी में समस्या), किसी प्रकार का संक्रमण, शुक्राणु के बाहर निकलने में समस्या होना आदि भी पुरुष निसंतानता के संकेत होते हैं। घबराने की जरूरत नहीं, नई तकनीकें कारगर अब आईवीएफ तकनीक के जरिए पिता बनने का सुख प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि आप एक ऐसे आईवीएफ सेंटर में परामर्श लें, जहां अत्याधुनिक तकनीकों के जरिये गर्भाधारण से लेकर संतानोत्पत्ति तक की सारी सुविधाएं हों। इक्सी, इम्सी जैसी कई तकनीकों से पिता बनने का सपना पूरा हो सकता है।