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सीएए : 42% आबादी वाली 11 राज्य सरकारें नागरिकता कानून के विरोध में, इनमें से 8 मुख्यमंत्रियों ने कहा... इसे लागू नहीं होने देंगे
December 25, 2019 • Dr. Surendra Sharma

एजेंसी

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए का तीन दिन पहले तक 5 मुख्यमंत्री विरोध कर रहे थे, लेकिन अब 3 और राज्य सरकारों ने साफ कर दिया है कि वे इसे लागू नहीं होने देंगी। पहले बंगाल, राजस्थान, केरल, पुडुचेरी और पंजाब के मुख्यमंत्रियों ने ऐसे बयान दिए थेअब मध्यप्रदेश, महाराष्ट और छत्तीसगढ़ की सरकार ने भी कह दिया है कि इस कानून को लागू करने का सवाल नहीं उठता। इन 8 राज्यों में देश की 357 आबादी रहती है। वहीं, 3 और राज्य सरकारें ऐसी हैं जो सीएए के विरोध में तो हैं, लेकिन इस कानून को लागू होने देंगी या नहीं, इस पर उनका रुख साफ नहीं है। इन राज्यों को भी जोड़ दिया जाए तो 42त्र आबादी वाली 11 राज्य सरकारें अब सीएए का विरोध कर रही हैं। सोमवार को दिल्ली के राजघाट पर कांग्रेस के एकता के लिए सत्याग्रह कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ ने कहा कि सीएए और नहीं होने देंगे एनआरसी को लागू नहीं होने दिया जाएगा। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी यही बात दोहराई। छत्तीसगढ़ के मंत्री टीएस सिंहदेव ने भी कहा कि उनके राज्य में भी सीएए और एनआरसी लागू नहीं होगा। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री बालासाहेब थोरात भी कह चुके हैं कि हम अपने राज्य में इन दोनों योजनाओं को लागू नहीं होने देंगे। नागरिकता कानून पर बाकी राज्यों का रुखः दिल्ली के मुख्यमंत्री भी नागरिकता कानन का विरोध कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने साफ तौर पर ये नहीं कहा है कि वे इसे लागू नहीं होने देंगे। मप्र और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमारा रुख वही होगा, जो कांग्रेस का होगा। तेलंगाना में सत्तारूढ़ टीआरएस ने संसद में इस बिल का विरोध किया था, लेकिन इसे लागू करने को लेकर उसका रुख साफ नहीं है। इनके अलावा गैर-भाजपा शासन वाले तमिलनाडु, आंध्र और ओडिशा की सरकारों ने नागरिकता संशोधन विधेयक का संसद में समर्थन किया था।