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सर्दियों में बढ़ जाते हैं हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक के मामले
February 11, 2020 • Dr. Surendra Sharma

कार्यालय संवाददाता

जयपुर। सर्दी के मौसम में लोगों को सिर्फ खांसी, जुकाम या बुखार ही प्रभावित नहीं करता बल्कि इस मौसम में हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और अस्थमा के अटैक का खतरा भी बढ़ता है। जरा सी चूक आपको ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक का शिकार बना सकती है। इसीलिए इससे बचाव के लिए सावधानी बरतनी बेहद जरूरी हैसर्दियों में क्यों बढ़ जाते हैंमामलेः सीनियर फिजीशियन और क्रिटीकल केयर एक्सपर्ट डॉ. पंकज आनंद ने बताया कि सर्दियों में रक्त नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं जिससे शरीर में खून के प्रवाह उस मात्रा में नहीं हो पाता है जिस मात्रा में इसे होना चाहिए। इसके अलावा दिल को रक्त प्रवाह के लिए अधिक पंपिंग करनी पड़ती है। अधिक वजन वाले लोगों कैलोरी की खपत कम हो जाती है और शरीर पर चर्बी बढ़ने लगती है। यह भी हार्ट अटैक का बड़ा रिस्क फैक्टर है। वहीं दिमाग की नसों में भी रक्त का प्रवाह कम हो जाता है। यदि यह रक्त का प्रवाह पूरी तरह से रुक जाए तो उस स्थिति को ब्रेन अटैक कहा जाता है। ऐसी स्थिति में ब्रेन के प्रभावित हिस्से कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं। ऐसे में नस के फटने का भी खतरा बढ़ जाता जिसको ब्रेन हेमरेज कहा जाता है।

क्या करते हैं हम गलतीः डॉ पंकज आनंद ने बताया कि, सर्दियों में अक्सर प्यास कम लगती है। इसकी वजह से आमतौर पर हम लोग पानी पीना भी कम कर देते हैं। लेकिन यही छोटी सी चूक हमारे जीवन के लिए घातक साबित होती । डॉ. पंकज ने बताया कि दरअसल, पानी का सेवन कम करने से डिहाइड्रेशन हो जाता है, जिसकी वजह से खून गाढ़ा हो वजह सखून गाढ़ा हो जाता है और इसका प्रवाह कम या रुक जाता है। यही स्थिति हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के खतरे को बढ़ा देती है। लिहाजा इस स्थिति से बचने के लिए पानी का सेवन कम न करें।

इन सावधानियों से करेंअपना बचावः थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ-कुछ खाते रहें और गुनगुना पानी पीते रहें। शरीर में कॉलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करने के लिए तेल-घी, फास्ट फूड का सेवन कम कर अधिक कॉलेस्ट्रॉल वाले व्यक्ति यदि शराब या सिगरेट का सेवन करते हैं तो हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के खतरे को कहीं ज्यादा बढ़ा देता है। ये हैं लक्षण . सांस लेने में तकलीफ . ब्रेन में अधिक ब्लीडिंग से बेहोशी शरीर के किसी हिस्से में सुन्नपन का अहसास होना। शरीर पर चीटियों के से दौडने या कमजोरी का महसूस होनाबोल पाने या समझने में परेशानी होना और भ्रम की स्थिति होना।