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सरकार ने अर्धसैनिक बलों के 7200 जवान वापस बुलाए, लेकिन अब भी 2 लाख से ज्यादा सैनिक तैनात
December 26, 2019 • Dr. Surendra Sharma

नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने मंगलवार को जम्मूकश्मीर से केंद्रीय सशस्त्र बलों के करीब 7200 जवानों को हटाने का ऐलान किया, लेकिन एक अनुमान के मुताबिक वहां अब भी 2 लाख सैनिक तैनात हैं। मंगलवार को सीआरपीएफ की 24, बीएसएफ की 12, आईटीबीपी की 12, सीआईएसएफ की 12 और एसएसबी की 12 कंपनियों को हटाया गया। सशस्त्र बलों की इन कंपनियों को हटाने की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी गई। केंद्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर जम्मू-कश्मीर में तैनात सशस्त्र बलों की कुल संख्या का खुलासा नहीं किया है। रक्षा विशेषज्ञों के आंकलन और कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में करीब 2 लाख 31 हजार जवान तैनात किए हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सेना के जवान और नियंत्रण रेखा पर तैनात बीएसएफ के जवान शामिल नहीं हैं। हालांकि इनमें सेना के श्रीनगर स्थित 15 कोर, नगरोटा स्थित 16 कोर और सीएपीएफ के जवान शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर में करीब 2.31 लाख सैनिक तैनातः रिपोर्ट्स के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के अंदरूनी इलाकों में तैनात कुल 2,31,960 सुरक्षाकर्मियों में से 7,200 नियमित सैनिक हैं, इनके अलावा करीब 50,000 जवान आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए तैनात हैं। शेष बचे 1,60,560 सैनिकों में अर्धसैनिक बल और सैन्य संचार सेवा के जवान शामिल हैं। 5 अर्धसैनिक बलों के जिम्मे सुरक्षाव्यवस्था: अर्धसैनिक बलों के तौर पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों की तैनाती की गई है। आर्मी सिग्नल कोर्प के जवान भी यहां तैनात हैं, जो सेना मुख्यालय, ब्रिगेड सेंटर और मैदानी कैंपों के बीच संचार सेवाओं और खुफिया जानकारी भेजने का जिम्मा संभालते हैं। सीआरपीएफ के सबसे ज्यादा सैनिक तैनातः जम्मू-कश्मीर में तैनात अर्धसैनिक बलों में सबसे बड़ा हिस्सा सीआरपीएफ का है। इसकी करीब 50 कंपनियां यानी 50 हजार सैनिक यहां तैनात किए गए हैं। सरकार समय-समय पर जवानों की संख्या कम या ज्यादा करती है। अगस्त में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के दौरान केंद्र सरकार ने 10 हजार अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की थी। वहीं, जुलाई में अमरनाथ यात्रा के समय करीब 40 हजार सैनिक यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाए गए थे।