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संयम का अर्थ है जीवन की गाड़ी में ब्रेक लगाना- अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागर 
August 28, 2020 • Dr. Surendra Sharma

संयम का अर्थ है जीवन की गाड़ी में ब्रेक लगाना- अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागर                                              औरगाबाद:-मूरादनगर/कोडरमा । पुष्पगिरी तीर्थ प्रणेता आचार्य पुष्पदंत सागर जी महाराज के उपवन सुगंधी पुष्प भारत गौरव अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर जी   

गुरुदेव एवम पियुष सागर जी गुरदेव का 2020 का चातुर्मास ऐतिहासिक नगरी मुरादनगर हो रहा है इस अवसर पर अंतर्मना प्रसन्न श्री गुरुदेव ने संयम का अर्थ है - अति से मुक्त होकर बेलेंस बनाकर जीना, संयम यानी मर्यादा की लक्ष्मण रेखा खीचना। संयम भारतीय संस्कृति की जान है, संयम के आभाव में इंसान शैतान बन जाता है यह अनमोल वचन पर्युषण पर्व के चलते अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागर जी महाराज ने उत्तम संयम धर्म का पालन करते हुए भक्तो से कही 

उन्होने बताया कि संयम तीन प्रकार का होता है। इन्द्रीय संयम, प्राणी संयम और वाणी संयम ।। वाणी संयम अर्थात मौन मौन जीवन की शक्ति है। मौन में जो शक्ति है वो शब्दो मे नही है । आज के इस दौर में बोलने वाले ज्यादा ओर सुनने वाले कम है। सुनने वालों से समझने वाले कम है ,समझने वालों से करने वाले और भी कम है। करने वालो से मानने वाले लोग और भी कम है। जब सामने वाला दो तीन बार बोलने से नही माने तो समझदार को मौन हो जाना चाहिए। वाणी में मधुरता, व्यवहार में सरलता और हदय में पवित्रता तो संयम का पालन प्रसन्नता के साथ हो सकता है। गाड़ी में ब्रेक न होतो गाड़ी बेकार है, भोजन में नमक न होतो भोजन बेकार है, अस्पताल में डॉक्टर नही तो अस्पताल बेकार है ओर मंदिर में मूर्ति न होतो मंदिर बेकार है ठीक उसी तरह जीवन में संयम न होतो जीवन बेकार है।

अभी गाड़ी में ब्रेक के अलावा सब लगता है न ओर हार्न के अलावा सब बजता है।

सोचो....? ऐसी गाड़ी की यात्रा कहाँ लेकर जाएगी। संयम का अर्थ है जीवन की गाड़ी में ब्रेक लगाना जानकारी देते हुए प्रवक्ता रोमिल जैन, नरेद्र अजमेरा, पीयूष कालीवाल राजकुमार अजमेरा बताया की पूज्य गुरुदेव का मंगल चातुर्मास मंशापूर्ण महावीर तीर्थ गंगनहर मुरादनगर उत्तरप्रदेश में चल रहा है जहाँ पूज्य गुरुदेव व संघत मुनि पीयूष सागर जी के निर्देशन में पर्वराज पर्युषन पर्व के अवसर पर प्रशानिक गाइडलाइन का पालन करते हुए पूर्ण भक्ति भाव से प्रातः भगवान के कलशाभिषेक शांतिधारा बाद विधान मंडल की आराधना की गई। इस अवसर पर उपस्थित भक्तो ने गुरुदेव से संकल्प पूर्वक 10 दिनों के लिए उपवास व्रत के नियम लेकर पुण्यार्जन किया। इस अवसर पर अजय सेठी, सजन बंटी जैन, नितिन जैन रहेजा विल्डर्स, सहित कई भक्त मौजूद थे। नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल रोमिल जैन,मनीष सेठी राजकुमार अजमेरा,नवीन गंगवाल कोडरमा ने दी।