ALL देश /विदेश राज्य अपराध खेल मनोरंजन/सिनेमा लाइफ स्टाइल धर्म हिन्दी साहित्य शिक्षा कारोबार
समाज आगे, सत्ता पीछे तभी स्वस्थ विकास होगा - महेंद्र सिंह 
September 10, 2020 • Dr. Surendra Sharma

समाज आगे, सत्ता पीछे तभी स्वस्थ विकास होगा - महेंद्र सिंह                                                                                      श्री महावीर जी 10 सितंबर। पांचना डैम कमांड एरिया विकास परिषद के तत्वावधान अकबर गांव में श्री देवनारायण मंदिर पर चौपाल का आयोजन हुआ। चौपाल की अध्यक्षता सुबुद्धि गुर्जर पटेल ने की। 

       चौपाल के मुख्य वक्ता परिषद के महामंत्री महेन्द्र सिंह मीना ने उपस्थित ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पांचना डैम का पानी आपके सहयोग एवं भाईचारे से नहरों में अवश्य आयेगा ।' समाज आगे,सत्ता पीछे तभी स्वस्थ विकास होगा। यह परिषद का मूल मंत्र है।

   मीना ने कहा कि माड क्षेत्र के युवक, मजदूर, किसान, कारीगर, व्यापारी के मन में यह पीडा है कि नहरों में पानी कब आयेगा। पीडा और कामना के साथ माड क्षेत्र में नहर अवश्य आयेगी यह मन में पूर्ण विश्वास है।

   मीना ने कहा कि क्या केवल पीडा,कामना, विश्वास और संकल्प से ही सफलता मिलती है ? या नहीं। इसके लिए इन बातों के साथ-साथ प्रयत्नों की पराकाष्ठा करनी होती है। एक और बात का विचार कर लेना ठीक रहेगा। कोई भी पक्ष सही है, सत्य का है, धर्म का है ईश्वर उसके साथ है केवल इतना होने से सफलता नहीं मिलती । साथ में प्रयत्नों की पराकाष्ठा करनी होती है। नहीं तो क्या कारण था कि प्रभु राम और पांडवों को सफलता प्राप्त करने के लिए इतने प्रयास करने पडे ? अतः पांचना डैम का पानी नहरों में खुले इसके लिए प्रयत्नों की पराकाष्ठा करनी होगी।

  मीना ने कहा कि किस प्रकार के प्रयत्न किये जायें? सबसे पहले जिन कारणों से नहर रूकी उन कारणों को दूर करना। फिर समय आने पर आगे के कदम भी ध्यान में आते जायेंगे । कहा गया है कि जब लक्ष्य दूर हो तब उस तक पहुंचने के सभी कदमों का विचार न करते हुए केवल अगले कुछ कदमों की चिन्ता की जाती है। आगे का काम समय आने पर होता जाता है, बशर्ते लक्ष्य दृष्टि ओझल न हो।

   मीना ने कहा कि पांचना बांध का पानी इस बर्ष फसल सीजन के समय.नहरों में अवश्य खुलेगा । इससे हमारे क्षेत्र में सामाजिक समरसता बढेगी। 

  मीना ने कहा कि फूट डालो और राज करो की नीति जिसका नाम "ध्रुवीकरण की राजनीति है,"कभी जाति के नाम पर, कभी सम्प्रदाय के नाम पर, कभी पार्टी-पोलिटिक्स के नाम पर,कभी किसी नाम पर समाज में और हमारे मन में अनावश्यक तनाव, उत्तेजना,भय और क्रोध का वातावरण निर्मित करते रहते हैं। यह वातावरण आदमी को एक ऐसे रास्ते पर ले चल पडता है जो कि कल्याणकारी नहीं होता। हम हमारे जीवन और प्रगति से जुडे महत्वपूर्ण मुद्दों को भूल ऐसे झगडों और वाद-विवाद में लग जाते हैं जिसका कोई परिणाम नहीं निकलता और वे हमें खपाते भी रखते हैं । बिना बात खून -उबलता रहता है, दिमाग पर दबाव और तनाव हो जाता है, प्रवृत्ति झगडालू बन जाती है और हमारे घरों और दोस्तों के बीच भी वातावरण गरमा जाता है। इस प्रकार की लोगों को तोडने वाली राजनीति किसी के लिए अच्छी नहीं रहती। व्यक्ति, परिवार, समाज, राष्ट्र, मानवजाति-ये जितना आपसी समरसता की भावना में रहेंगे उतना ही व्यर्थ की बातों और

कार्यों में समय, श्रम और संसाधन कम नष्ट होंगे। उतना ही अधिक जो वास्तव में मानव जीवन के लिए कल्याणकारी और प्रगतिशील है -शिक्षा, चिकित्सा, विज्ञान, उधोग, रोजगार, कला, संस्कृति इत्यादि -जो एक अच्छे और भरे-पूरे जीवन के लिए आवश्यक तत्व हैं-उनमें वृद्धि होगी। पांचना बांध का पानी नहरों में खुलने से सामाजिक समरसता के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

     मीना ने कहा कि पांचना बांध का पानी भगवान श्री देवनारायण के आशीर्वाद एवं आप पंच पटेल ,,के प्रयास से नहरों में पानी अवश्य आयेगा। जनहित का कोई काम बडा काम होता है, भगवान का काम होता है। यदि हम उसे करने का संकल्प करेंगे तो भगवान खुद हमें ताकत देंगे।

  . मीना ने कहा कि पांचना डैम कमांड एरिया परिषद चाहती है कि माड क्षेत्र के गांव जागृत एवं संगठित बने। गांव में सब हाथों को काम मिले, समस्त कृषि योग्य भूमि को पानी मिले, निरक्षरता दूर हो, नशा -ध्रुमपान-जुँआ जैसी बुराइयों का उन्मूलन हो,गायों और पशुधन की उचित देखभाल हो,गांव की उपलब्धियों पर गर्व हो। 'सारा गांव एक परिवार ' की भावना हो,स्वदेशी और मातृभूमि से प्रेम बढे। परिषद की भावना यह है कि गांव को जागृत करने से ही सारा देश जागृत होगा। 

      चौपाल में विजेन्द्र गुर्जर पटेल ने कहा कि हमारे यहां जल स्तर नीचे चला गया है । 14 बर्ष पूर्व हमारे गांवों में खुशहाली थी । परिषद के द्वारा चलाये जा रहे सत्याग्रह में हम साथ हैं। इस बर्ष फसल सीजन में सरकार पांचना बांध का पानी नहरों खोले ।हरिराम पटेल ने कहा कि जल ही जीवन है। नहरों में पानी नहीं आने से पशु धन कम हो गया। हमें विश्वास है कि नहरों में पानी अवश्य आयेगा जिससे क्षेत्र में भाईचारा भी बढेगा। परिषद के प्रवक्ता भगवान सहाय रौंसी ने उपस्थित ग्रामीणों ने पांचना बांध का पानी नहरों में लाने की शपथ दिलाई। चौपाल में सुमनरन गुर्जर पटेल ,नंगू राम पटेल ,राहुल ,भूपेन्द्र.बबलू ,राजवीर गुर्जर आदि गणमान्य मौजूद थे।

    .