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राज्य सरकारें सीएए लागू करने से मना नहीं कर सकती, प्रणब ने कहा... मौजूदा आंदोलन लोकतंत्र को मजबूती देंगे मोदी सरकार के प्रति नरम
January 25, 2020 • Dr. Surendra Sharma

कार्यालय संवाददाता

जयपुर/नई दिल्ली। जयपुर में शुरू हुए लिटरेचर फेस्टिवल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर अपनी पार्टी के रुख से अलग-थलग दिखे। उन्होंने कहा- राज्य सरकारें सीएए लागू करने से मना नहीं कर सकतीं। वहीं, मोदी सरकार के प्रति नरम रुख रखने वाले पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सीएए के खिलाफ हो रहे शांतिपूर्ण आंदोलन को लोकतंत्र को मजबूती देने वाला बताया है

|कांग्रेस शासित पंजाब में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव लाया जा चुका है और राजस्थान इसकी तैयारी में है। इस बीच जयपुर में शुरू हुए लिटरेचर फेस्टिवल के पहले दिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने कहा- राज्यों द्वारा सीएए के खिलाफ प्रस्ताव लाने की बातें सिर्फ ___ राजनीति से प्रेरित हैं। क्योंकि नागरिकता देने में उनकी बमुश्किल कोई भूमिका है। राज्य सरकारें यह नहीं कह सकतीं कि वे सीएए को लागू नहीं करेंगी।

संविधान में युवाओं की आस्था दिल छूने वाली: प्रणबः पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि सहमति और असहमति लोकतंत्र के मूल तत्व हैं। विरोध- प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि देश में शांतिपूर्ण आंदोलनों की मौजूदा लहर एक बार फिर हमारे लोकतंत्र की जड़ों को गहरा और मजबूत बनाएगी।' मुखर्जी ने चुनाव आयोग द्वारा आयोजित पहले सुकुमार सेन स्मृति लेक्चर में कहा, 'भारतीय लोकतंत्र समय की कसौटी पर हर बार खरा उतरा है। पिछले कुछ महीनों में विभिन्न मुद्दों पर लोग सड़कों पर उतरे, खासकर युवाओं ने इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी आवाज को मुखर किया। संविधान में इनकी आस्था दिल को छूने वाली है।' प्रणब ने कहा, 'आम राय लोकतंत्र की जीवन रेखा है।

प्रणब के बयान से भाजपा असहज स्थिति में: यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रहे प्रणब के इस बयान ने भाजपा के लिए असहज स्थिति पैदा की है, क्योंकि उनके बारे में माना जाता रहा है कि वह मोदी सरकार के प्रति नरम रुख रखते हैं। पीएम मोदी और उनके बीच संबंध काफी अच्छे हैं और यहां तक कि वह नागपुर में आरएसएस के कार्यक्रम में भी शरीक हो चुके हैं।