ALL देश /विदेश राज्य अपराध खेल मनोरंजन/सिनेमा लाइफ स्टाइल धर्म हिन्दी साहित्य शिक्षा कारोबार
राजस्थान को ऑर्गेनिक स्टेट बनाने के लिए ओएफपीएआई का गठन फाउंडर डॉ. अतल गुप्ता ने जोड़े 50 हजार सदस्य
January 14, 2020 • Dr. Surendra Sharma

कार्यालय संवाददाता

जयपुर। राजस्थान को वर्ष 2030 तक सम्पूर्ण ऑर्गेनिक स्टेट बनाने के संकल्प के साथ हैनिमैन चैरिटेबल मिशन सोसाइटी के संस्थापक डॉ. अतुल गुप्ता ने ऑर्गेनिक फार्मर प्रॉडयुसर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ओएफपीएआई) का गठन किया है। इस संगठन के माध्यम से प्रदेश के किसानों को लाभकारी खेती का प्रशिक्षण देकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूती पर बल दिया जाएगा। इसके लिए ओएफपीएआई ने न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश में सदस्यता अभियान चलाया है। इसके तहत महीनेभर में अब तक करीब 50 हजार से भी ज्यादा किसानों ने संगठन की सदस्यता प्राप्त कर ली है। संगठन को देशभर में विस्तार देने के उदेश्य से श्रीपिंजरापोल गोशाला स्थित सनराइज ऑर्गेनिक पार्क में विभिन्न राज्यों के युवा किसानों की एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें डॉ. अतुल गुप्ता के ऑर्गेनिक प्रदेश के संकल्प को दोहराते हुए प्रतिभागी युवा किसानों ने सदस्यता अभियान को गति प्रदान करने का वचन दिया।

सात राज्यों के किसानों ने लिया हिस्साः ओएफपीएआई के विस्तार को लेकर हुई बैठक में उत्तरप्रदेश, महाराष्ट, राजस्थान, आंध्रप्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश, हरियाणा से युवा प्रतिभागी शामिल हुए। इनमें महाराष्ट के अकोला क्षेत्र में पंकज मांजरे, सोलापुर क्षेत्र में सोमनाथ सिंधकर, बीकानेर संभाग में कुणाल यादव, उत्तरप्रदेश निर्धारित के अलीगढ़ में राजकुमार सिंह, मध्यप्रदेश में धीरेंद्र सिंह, गुजरात में गरासिया अब्दुल भाई, आंध्रप्रदेश में डॉ. श्रीवानी को संगठन के विस्तार की जिम्मेदारी दी गई है।

इस साल 10 हजार एकड़ में ऑर्गेनिक खेती का लक्ष्यः ओएफपीएआई के संस्थापक व राजस्थान मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड के सदस्य डॉ. अतुल गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2020 में करीब 10 हजार एकड़ भूमि में ऑर्गेनिक व मेडिसिनल खेती कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए जिला, उपखंड व ग्राम पंचायत स्तर पर किसानों को ऑर्गेनिक खेती को लेकर प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऑर्गेनिक खेती के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं में 90 फीसदी तक सब्सिडी का प्रावधान है परंतु जागरूकता के अभाव में किसान इससे लाभांवित नहीं हो पाते हैं, उन्हें इसके लिए सहायता प्रदान की जाएगी। यूं होगा राष्ट्रीय व राज्य इकाईयों का गठनः ओएफपीएआई के संस्थापक डॉ. अतुल गुप्ता ने बताया कि यह संगठन पूर्णतया गैर राजनैतिक होगा। इसकी कार्यकारिणी का कार्यकाल दो वर्ष होगा। राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय कार्यकारिणी का गठन वोटिंग के जरिये किया जाएगा। इसके वार्षिक सदस्यता लेने वाले किसान राष्ट्रीय वार्षिक सदस्यता लेने वाले किसान राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय सम्मेलनों के दौरान वोटिंग के जरिये पदाधिकारियों व कार्यकारिणी सदस्यों का चुनाव करेंगे। उन्होंने बताया कि ऑर्गेनिक फार्मर प्रॉडयुसर एसोसिएशन ऑफ इंडिया में अलग-अलग विंगस यथा कृषि छात्र इकाई, युवा इकाई, कृषि वैज्ञानिक इकाई, महान वैज्ञानिक किसान संगठन, कृषि उत्पाद निर्यात इकाई, ट्रेडिंग इकाई संगठन भी बनाए जाएंगे। __ दादिया गांव से पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआतः ऑर्गेनिक स्टेट की दिशा में अपना पहला कदम बढ़ाते हुए ऑर्गेनिक फार्मर प्रॉड्युसर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रयासों से जयपुर जिले की ग्राम पंचायत दादिया को ऑर्गेनिक गांव घोषित कराया है। जयपुर शहर के सांसद रामचरण बोहरा ने दादिया गांव को ऑर्गेनिक गांव बनाने की घोषणा की है। ऑर्गेनिक फार्मर प्रॉडयुसर एसोसिएशन ऑफ इंडिया इस गांव में ऑर्गेनिक दालें, अनाज व सब्जियों की न केवल खेती करवायेगी बल्कि यहीं पर इन उत्पादों की बिक्री के प्रबंध करेगी। इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद संम्पूर्ण प्रदेश की ग्राम पंचायतों को ऑर्गेनिक गांव बनाये जाएंगे।