ALL देश /विदेश राज्य अपराध खेल मनोरंजन/सिनेमा लाइफ स्टाइल धर्म हिन्दी साहित्य शिक्षा कारोबार
फैसले से पहले अयोध्या में 4 हजार अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे, आठ अस्थाई जेल बनीं, केंद्र का राज्यों को अलर्ट
November 8, 2019 • VISHESH KUMAR SHARMA

नई दिल्ली।

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला 17 नवंबर से पहले आने की संभा संभावना है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने फैसले से पहले देश के सभी राज्यों को अलर्ट पर रहने को कहा है। केंद्र ने अर्धसैनिक बलों के 4,000 जवान भी उत्तर प्रदेश के लिए रवाना कर दिए हैं। वहीं अयोध्या में प्रशासन ने 10 दिसंबर तक धारा-144 लागू कर दी है। पड़ोसी जिले अंबेडकर नगर में 8 अस्थायी जेल बनाई गई हैं। ये सभी जेल, कॉलेजों में बनाई गई हैं। इधर, विहिप ने राम मंदिर के लिए पत्थर तराशने का काम रोक दिया। प्र प्रशासन ने फोर्स की 100 कंपनियां मांगी: अयोध्या जिले को चार जोन- रेड, माना येलो, ग्रीन और ब्लू में बांटा गया है। इनमें 48 सेक्टर बनाए गए हैं। विवादित परिसर, रेड जोन में स्थित है। पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा योजना इस तरह बनाई जा रही है कि का राज्यों को अलर्ट एक आदेश पर पूरी अयोध्या को सील किया विहिप प्रवक्ता ने कहा- फैसले के बाद आगे जा सके। प्रशासन ने फैसले का समय का निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही नजदीक आने पर, अर्धसैनिक बलों की विहिप ने अपने सभी कार्यक्रम भी निरस्त कर अतिरिक्त 100 कंपनियां मांगी हैं। इससे दिए। पहले दीपोत्सव पर यहां सुरक्षाबलों की 47 16000 वॉलियंटर्स तैनातः अयोध्या कंपनियां पहुंची थीं, जो अभी भी तैनात है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार विहिप ने सभी कार्यक्रम रद्द किए: के दुष्प्रचार या किसी भी सम्प्रदाय के अयोध्या में विहिप के प्रवक्ता शरद शर्मा ने खिलाफ भड़काऊ कंटेंट के प्रसार पर नजर बताया कि राम मंदिर के लिए पत्थर तराशने रखने के लिए जिले के 1600 स्थानों पर 16 का काम रोक दिया गया है। 1990 के बाद हजार वॉलंटियर तैनात किए हैं। गड़बड़ी यह पहला मौका है, जब पत्थर तराशना बंद रोकने के लिए 3000 लोगों को चिह्नित किया गया है। अब तक 1.25 लाख घनफीट करके उनकी निगरानी की जा रही है। पत्थर तराशा जा चुका है। अभी 1.75 लाख हमारी तैयारियां पूरीः डीएम : घनफीट पत्थर को तराशना बाकी है। पत्थर अयोध्या के डीएम अनुज कुमार ने कहा कि तराशने में लगे कारीगर घर लौट गए हैं। प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।