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नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने प्रेस वार्ता में कहा... गहलोत गृह विभाग को छोड़कर दिल्ली के चक्करों में व्यस्त हैं
January 11, 2020 • Dr. Surendra Sharma

कार्यालय संवाददाता

जयपुर। राजस्थान में वर्ष 2019 में बढ़े आईपीसी अपराधों के आंकड़ों को लेकर पूर्व गृहमंत्री और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने मुख्यमंत्री और राज्य के गृहमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा है। एक पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए कटारिया ने कहा कि कानून व्यवस्था को लेकर रोजाना मॉनिटरिंग की जरूरत होती है, इसलिए उन्हें एक गृह राज्यमंत्री अलग से किसी को बनाना चाहिये। जिससे कि रोजाना कानून व्यवस्था की मॉनिटरिंग हो सकेउन्होंने कहा कि जयपुर जिला अपराधों के मामलों में टॉप पर आ गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार इतिहास में हुआ कि किसी सरकार के आते ही एक वर्ष में इतने अपराधों में वृद्धि हो जाये। कटारिया ने कहा कि जब वह पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार में गृहमंत्री थे, तब वह रोजाना कानून व्यवस्था की मॉनटरिंग करते थे, साथ ही थानों का ग्रेडिंग सिस्टम था। कटारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री गृह विभाग के मंत्री भी है, लेकिन उन्होंने विभाग को अधिकारियों के भरोसे छोड़ रखा है और खुद दिल्ली के चक्करों में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि आंकड़ों के अनुसार तो राजस्थान डकैती और रेप के मामले में रिकॉर्ड बना रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान अब अपराधों के मामलों में पूरे देश में दूसरे पायदान पर पहुंच गया है

कटारिया ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को यह भी सलाह दी कि यदि वह गृह विभाग के लिए पूर्णकालिक मंत्री नहीं बनाते तो कम कम इसे देखने के लिए अपना कोई असिस्टेंट ही रख लेंकटारिया ने इस दौरान प्रेस के समक्ष पिछली वसुंधरा राजे सरकार के कार्यकाल में पांच साल में घटित हुए अपराधों का आंकड़ा भी मीडिया में रखा और उसकी तुलना मौजूदा सरकार के एक साल के कार्यकाल से करते हुए कहा कि पिछले पांच साल के मुकाबले में बीते एक साल में सबसे ज्यादा सांप्रदायिक तनाव के मामले भी सामने आए हैं। कटारिया ने कहाजब मैं गृहमंत्री था, तब मुझ पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आरोप लगाते थे कि मैं एक चपरासी का भी ट्रांसफर नहीं करवा सकता हूं। लेकिन अब मैं यह सवाल सीएम गहलोत से पछ रहा है कि अब तक वह सर्व अधिकार संपन्न है, तो क्यों प्रदेश में 31 फीसदी आईपीसी अपराधों में वृद्धि वर्ष 2019 में हो गई।