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नाथद्वारा केपास बगड़ में टायल्स उद्योग विकसित होंगेः उद्योग मंत्री
December 27, 2019 • Dr. Surendra Sharma

कार्यालय संवाददाता

जयपुर। उद्योग व राजकीय उपक्रम मंत्री परसादी लाल मीणा ने घोषणा की है कि रीको के नवविकसित औद्योगिक क्षेत्रों में भूखण्डों की कीमत को क्षेत्रानुसार 20 से 30 प्रतिशत तक कम किया जा रहा हैं वहीं रीको भूखण्डों की खरीद पर 75 प्रतिशत राशि तक का ऋटा रीको द्वारा उपलब्ध कराया जा सकेगा। इसके साथ ही रीको औद्योगिक क्षेत्रों की भूमि के मूल्यांकन, परीक्षण और सीमांकन के लिए ड्रोन सर्वे करवाया जाएगा। रीको औद्योगिक क्षेत्रों में पानी, सड़क, बिजली, डंपिंग व्यवस्था दुरुस्त होगी। उद्योग मंत्री मीणा गुरुवार को उद्योग भवन में एसीएस उद्योग डॉ. सुबोध अग्रवाल व रीको एमडी आशुतोष पेडनेकर के साथ रीको के अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की प्रदेश में औद्योगिक निवेश के प्रति गंभीरता को इसी से समझा जा सकता है कि नई औद्योगिक विकास नीति के साथ ही राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना में पहलीबार सरकार द्वारा खुले दिल से सहायता प्रावधान घोषित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग लगेंगे तो आर्थिक विकास को गति मिलेगी और रोजगार के अधिक अवसर सृजित होंगे। मीणा ने कहा कि रीको की भूखण्ड आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी करते हुए ई ऑक्सन शुरु कर दिया गया है। उन्होंने नाथद्वारा के बगड़ मे टायल्स उद्योगों की स्थापना के लिए गैस की उपलब्धता के लिए समन्वय के निर्देश दिए ताकि गुजरात के मोरवी के स्थान पर राजस्थान में ही टायल्स उद्योग विकसित किया जा सके। उन्होंने भीलवाड़ा, कोटा, भिवाडी सहित प्रदेश के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में गैस उपलब्ध कराने के लिए ठोस प्रयास व समन्वय के निर्देश दिए। इसके साथ ही गैस की पाइप लाइन के पास नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने को कहा। इससे उद्योगों को सस्ती उर्जा मिल सकेगी वहीं एनजीटी की तलवार भी नहीं लटकेगी और प्रदूषण भी नहीं होगा। उन्होंने राजसमंद में रीको अधिकारी की नियुक्ति के निर्देश दिए। उद्योग मंत्री मीणा ने आगामी तीन साल तक रीको औद्योगिक क्षेत्रों में प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत की दर से सर्विस चार्ज बढ़ाकर नहीं वसूलने को कहा। उन्होंने रीको के क्षेत्रीय अधिकारियों से सकारात्मक सोच के साथ उद्यमियों और औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। इसके साथ ही रिप्स सहित राज्य सरकार की उद्योगों को प्रोत्साहित करने की योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक निवेशक आएं। अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए खुले दिमाग से योजनाएं व नीति तैयार कर जारी की है। नई निवेश प्रोत्साहन योजना को अधिक सरल व अग्रगामी बनाया गया है ताकि प्रदेश में अधिक से अधिक उद्योग स्थापित हो।