कोरोना वायरस को ख़त्म करने की मांगी अल्लाह से दुआ
April 30, 2020 • Dr. Surendra Sharma

 कोरोना वायरस को खत्म करने की मांगी अल्लाह से दुआ

 जयपुर  पूरी दुनिया  में कोरोनावायरस ने तहलका मचा रखा है लाखों की तादाद में लोग इससे ग्रसित होकर दुनिया से रुखसत हो गए रमजान का पवित्र महीना भी शुरू हो चुका है सभी मुस्लिम समुदाय के लोग रोजे रख रहे हैं 9 साल के जुलकरनैन और 10 साल की अलीशा ने भी इस कोरोना वायरस को दुनिया से खत्म होने के लिए रोजा रखकर अल्लाह ताला से दुआ मांगी कि हम मासूम बच्चों के रोजों के सदके में अल्लाह इस वबा को दुनिया से उठा ले जिससे पूरी दुनिया परेशान हो रही है ।

14 घंटे 40 मिनट के इस रोजे में गर्मी शिद्दत की हो रही है और दोनों ने रोजे को अच्छे अंदाज में मुकम्मल किया रोजा इफ्तार से पहले दोनों ने पूरी दुनिया की इंसानियत के लिए दुआ की और जो मरीज कोरोना से ग्रसित हैं उनके लिए सेहत याबी की दुआ की और जो दुनिया से जा चुके हैं उनकी मगफिरत की दुआ की दोनों ने रमजान उल मुबारक की इस महीने की बरकत से अल्लाह ताला इस कोरोना वबा को दुनिया से खत्म कर दे जिससे वापस इंसानी जिंदगी शुरू हो सके और दोनों ने साथ यह भी संकल्प लिया इस बार ईद सादगी के साथ मनाई जाएगी फिजूल खर्च बिल्कुल नहीं करेंगे नए कपड़े नहीं खरीदेंगे मां बाप से ईद के मौके पर बाजार से कोई सामान फ़िज़ूल नहीं खरीदेंगे गरीबों की मदद करेंगे ।

घर में ही रह कर इबादत करे कोविड-19 कोरोना से अल्लाह सब की हिफाजत करे।
 
नोबल कोरोना वायरस covid 19 से बचाव एवं इस कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए एवं हमारे हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई जैन सभी धर्मों के लोगो की भलाई व देश हितों की रक्षा हेतु हम संकल्प ले कि ईद की नमाज़ अपने अपने घरो मैं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए ईद की नमाज़े  ईदुल - फितर   अदा करे ।
 
दुनिया मे फैली वबा जिससे पूरी मानव जाति परेशान है भुखमरी फैल चुकी है दुनिया के सभी देशों की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है भूख और महामारी की चपेट मैं आकर दुनिया मे लाखो लोग अपनी जान गवा बैठे है ।

ऐसे मैं ईद की खरीदारी करना गुनाह होगा फ़िजूल खर्ची ना कर अपने पड़ोसियों हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई जैन सभी धर्मों के लोगो की मदद करे यही इंसानियत का तकाज़ा है । नही तो अल्लाह के वहा भी ओर यहा दुनिया मे भी पकड़ होगी  ईद पर पुराने कपड़ो को ही धोकर पहने यही सुन्नते रसूल है यही मानव धर्म यही मानव परम सेवा है |