कोरोना से सुरक्षित हो सकता है मानव जानिए कैसे
April 24, 2020 • Dr. Surendra Sharma


  कोरोना  से  सुरक्षित हो सकता है मानव जानिए कैसे

                                महेश कुमार बाजडा,( चिकित्साविद)
जी हां सुनने में भले ही अजीब लग रहा होगा परंतु   चिकित्सा विज्ञान के अनुसार इस समय कोरोना से घर में रहकर ही स्वयं को सुरक्षित करने का और शरीर को बिना नुकसान पहुंचाए स्वस्थ्य रखने का सबसे बेहतर तरीका है नियमित रूप से सप्ताह में तीन से चार बार भाप का सेवन। इससे कोरोना होने से लगभग 60% तक स्वयं को सुरक्षित किया जा सकता है एवं बचाया जा सकता है । यदि हमारे  घर में कोई भी परिवार का सदस्य बीड़ी ,सिगरेट ,तंबाकू ,गुटका  का व्यसन करता है , स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रसित है , किसी भी प्रकार की पुरानी बीमारी जैसे उच्च रक्तचाप , फेफड़ों की समस्याएं ,मधुमेह रोग या किसी भी प्रकार का पुराना रोग या जिससे कि मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है तो ऐसी समस्याओं से ग्रसित व्यक्ति  को स्वाँस संबंधित समस्या उत्पन्न होने के  बहुत अधिक अवसर होते हैं।  जैसे की अस्थमा ,जिनकी श्वसन प्रणाली ठीक रूप से कार्य नहीं करती और उन्हें सांस लेने में कठिनाई होती है। इसका कारण श्वास नली में सूजन आ जाना या फिर श्वास नली में थोड़ा ब्लॉकेज होने के  कारण ऐसा होता है। जिसके कारण जब भी अस्थमा से पीड़ित मरीज सांस लेता है तो उसके फेफड़े तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और अस्थमा से पीड़ित लोगों की सांस फूलने लगती है। कोरोंना भी मुख्यतः श्वसन तंत्र से जुड़ा हुआ है ।आप और हम सभी भली-भांति जानते हैं कि कोरोनावायरस कोविड 19 मुख्यतः हमारे श्वास नली एवं हमारे फेफड़ों को प्रभावित करता है जिससे कि व्यक्ति को स्वाँस संबंधित बहुत अधिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं एवं जब यह समस्या बहुत अधिक मात्रा में बढ़ जाती है तब उस व्यक्ति को कृत्रिम श्वसन अर्थात वेंटिलेटर की आवश्यकता पड़ती है परंतु यदि हम चाहे तो स्वयं को इससे सुरक्षित कर सकते हैं श्वास नली एवं  फेफड़ों को स्वस्थ्य रखने के लिए नियमित रूप से भाप का सेवन करें । जैसा कि अस्पताल में किसी भी मेडिकल उपकरण ,वस्त्र इत्यादि जो कि मुख्यतः किसी भी प्रकार की शल्य चिकित्सा में प्रयोग होते हैं या अस्पताल में उपयोग होते है रसायन प्रयोगशाला में प्रयोग होते है उनको स्टरलाइजेशन या हम कहें विसंक्रमण करने के लिए ऑटोक्लेव विधि का प्रयोग किया जाता है जिससे कि ऑटोक्लेव मशीन में रखें सभी प्रकार के वस्त्र एवं उपकरण निष्कीटित हो जाते हैं अर्थात आटोक्लेव एक ऐसा साधन है, जो उपकरणों और सामग्रियों को उनके भार और अन्तर्वस्तु के आधार पर, विशेषतः 15 से 20 मिनट तक, 121 °C या अधिक के उच्च दबाव वाले वाष्प के अधीन रख कर उन्हें निष्कीटित करता है  ठीक उसी प्रकार से जब हम नियमित रूप से वाष्प का सेवन करेंगे तो हमारे फेफड़े बिल्कुल साफ रहेंगे एवं स्वस्थ्य रहेंगे श्वास की नली में किसी भी प्रकार की रुकावट नहीं होगी और हमें मुख्यतः सांस लेने में तकलीफ नहीं होगी मेडिकल के अनुसार यदि बात की जाए तो सर्वप्रथम किसी भी व्यक्ति को बचाने में उसमें श्वास का  रहना बहुत जरूरी है इसीलिए कहा जाता है की पहली प्राथमिकता यदि व्यक्ति के कुछ भी होता है तो उसकी Airway injuries को रोकना है अर्थात श्वसन नली द्वारा श्वास पर्याप्त मात्रा में शरीर में जाती रहे उसके पश्चात दूसरी प्राथमिकता दी जाती है अतः हम कह सकते हैं कि हम भाप विधि को नियमित रूप से यदि सेवन करें तो हम  घर में रहकर ही बिना किसी खर्चे के अपने शरीर को स्वस्थ्य रखने में कामयाब हो सकते हैं ,क्योंकि भाप लेने का किसी प्रकार का शरीर पर नुकसान नहीं है यह हमारी मृत कोशिकाओं को भी जीवित करने में सहायक है एवं त्वचा को भी  सुरक्षित रखने में बहुत कारगर है, यदि हम अनावश्यक अस्पताल की असुविधाओं से बचना चाहते हैं एवं देश को सुरक्षित रखना चाहते हैं अपने राज्य को सुरक्षित रखना चाहते हैं  एवं अपने परिवार को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो नियमित रूप से घर पर ही रह कर भाप का सेवन करें  एवं सुरक्षित एवं स्वस्थ्य रहे ।
इसकी विधि के लिए हमें सिर्फ तीन से चार गिलास पानी   को उबालना है और एक पर्याप्त तौलिया जो कि हमारे सिर ( मस्तिष्क ) को उस बर्तन के ऊपर ढक सके , उसके पश्चात जब पानी उबलने लगे और उसमें से भाप निकलने लगे तब अपने सर पर तौलिया ढक कर कम से कम 5 से 10 मिनट के लिये भाप ले इससे आपको किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा, अपितु आपके छाती में जमे हुए कफ या किसी भी प्रकार के श्वास नलियो में सूजन को यह वाष्प कम करेगी एवं आपको श्वास लेने में किसी भी प्रकार की तकलीफ नहीं होगी ,हम इस प्रकार से घर पर रहकर अपनी सुरक्षा  एवं अपने परिवार की सुरक्षा कर सकते हैं । घर पर रहे सुरक्षित रहे ।