कोरोना का प्रकोप बरकरार, शिक्षकों को स्कूल आना जरूरी क्यों !
March 21, 2020 • Dr. Surendra Sharma

*कोरोना का प्रकोप बरकरार फिर भी शिक्षकों को स्कूल आना जरूरी क्यों*

    जयपुर। (योगेंद्र कंडेरा)कोरोना वायरस का प्रकोप सभी जगह बरकरार है फिर भी शिक्षकों का स्कूल में आना जरूरी क्यों किया गया है ? गौरतलब है कि शिक्षा विभाग की ओर से सभी स्कूलों में छुटियां घोषित कर दी गई है। इसके बावजूद टीचर्स एवं स्टाफ को स्कूल में नियमित रूप से बुलाया जा रहा है और शिक्षा विभाग के आदेशानुसार मजबूरन सभी शिक्षकों को विद्यालय में रोजाना 10 से 4 आना पड़ रहा है। अगर राज्य सरकार ने सभी कार्यालयों में सवैतनिक अवकाश की घोषणा करते हुए गाइडलाइन जारी की हुई है तो फिर शिक्षकों को इस सुविधा से अछूता क्यों रखा गया है। इस समस्या को लेकर गणपति नगर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की प्रिंसिपल विनीता पाराशर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आज पूरे प्रदेश में कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए केंद्र व राज्य स्तर पर आवश्यक जरूरी कदम उठाए गए हैं। वर्तमान में प्रदेशभर में शिक्षकों की संख्या बहुत ज्यादा है और शिक्षक दूरदराज गांव से बसों और ट्रेनों के जरिये सफर कर विद्यालय तक पहुंचते हैं। वहीं कुछ लोग टैक्सी में आते हैं व बहुत से लोगों के संपर्क में रहते हैं, जिससे कोरोना वायरस फैलने का खतरा अधिक रहता है। जब स्कूल में बच्चे नहीं है व परीक्षाएं स्थगित हो गई है और साथ ही विद्यालय का कार्य एलडीसी यूडीसी करते हैं तो फिर स्टाफ का क्या काम है। ना कोई कॉपियां चेक करनी है ना ही कोई और काम है इसलिए स्कूलों में स्टाफ को स्कूल में बुलाना मतलब कोरोना वायरस को बुलावा देना है। इसके साथ ही स्कूल की प्रिंसिपल ने स्कूल के सभी शिक्षकों के लिए दूरी बनाकर बैठने के लिए अपने स्तर पर एक निर्देश जारी किया हुआ है जबकि दूसरी ओर शिक्षकों का कहना है कि स्कूल के प्रिंसिपल रूम व स्टाफ रूम को छोड़कर सभी कमरों को ताला लगाकर बन्द कर दिया गया है, इसलिए मजबूरन  सभी शिक्षकों को एक साथ एक ही रूम में बैठना पड़ रहा है।