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कांग्रेस-राकांपा शिवसेना को समर्थन पत्र सौंप सकती हैं
November 23, 2019 • Dr. Surendra Sharma

एजेंसी

मुंबई। महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन का महा विकास आघाडी (महा विकास ऐलान जल्द हो सकता है। शुक्रवार को गठबंधन) होगा। कांग्रेस नेता पृथ्वीराज राकांपा-कांग्रेस और घटक दलों की बैठक चह्वाण ने कहा था कि राकांपा-कांग्रेस के हुई। इसके बाद राकांपा-कांग्रेस के बीच सभी मुद्दों पर चर्चा के बाद आम विधायक दलों की भी बैठक हुई। अभी सहमति शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, राकांपा गई है। अध्यक्ष शरद पवार और कांग्रेस नेता पदों के बंटवारे का फॉर्मूला: सूत्रों मल्लिकार्जुन खड़गे नेहरू सेंटर में बैठक के मुताबिक, तीनों दलों में मंत्री पदों का कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, राकांपा और समान बंटवारा होगा। पहले कहा जा रहा कांग्रेस शिवसेना को समर्थन पत्र सौंप था कि चार विधायकों पर एक मंत्री पद सकती हैं। दिया जाएगा, लेकिन कांग्रेस का प्रस्ताव पूरे 5 साल शिवसेना का ही था कि मंत्री पदों का समान बंटवारा हो। मुख्यमंत्री होगा- राउतः संजय राउत ने बताया जा रहा है कि बाद में तीनों दलों में कहा कि मुख्यमंत्री पूरे 5 साल के लिए इस पर सहमति बन गई है। हालांकि सत्ता शिवसेना का ही होगा। शिवसैनिकों की के बंटवारे फॉर्मूला की अभी तक कोई इच्छा है कि उद्धव ठाकरे जी यह पद नितिन गडकरी ने कहा कि राकांपा- तो यह कितने दिन चलेगी। गडकरी से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई। संभालें। भाजपा की ओर से ढाई-ढाई शिवसेना और कांग्रेस का गठबंधन जब पूछा गया कि अगर तीनों दल सरकार शिवसेना और राकांपा के बीच मुख्यमंत्री साल के मुख्यमंत्री का प्रस्ताव मिलने के अवसरवादिता वाला है और इनकी बनाने में असफल रहे तो भाजपा क्या पद ढाई-ढाई साल बांटे जाने की भी खबर दावे को राउत ने खारिज कर दिया। उन्होंने सरकार शायद ही 6-7 महीने चल पाए। करेगी। उन्होंने कहा कि क्रिकेट और है। हालांकि, इस बारे में भी कोई अधिकृत कहा कि अब वह हमें इंद्र का सिंहासन भी विचारधारा के लिहाज से अलग-अलग राजनीति में कुछ भी संभव है। आगे का पुष्टि नहीं है। कांग्रेस नेता विजय दें तो उनके साथ सरकार नहीं बनाएंगे। पार्टियां केवल भाजपा को सत्ता से बाहर फैसला भाजपा करेगी। वड्टेटीवार का एक बयान जरूर सामने केवल भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए एकसाथ आ रही हैं, यह नई सरकार का नाम 'महाआया है जिसमें उन्होंने कहा है कि महाराष्ट रखने के लिए अलग विचारधारा वाले दुर्भाग्यपूर्ण है। मुझे शक है कि क्या विकास आघाडी' होगा: दिल्ली में का अगला मुख्यमंत्री शिवसेना का ही दल साथ आए|