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ज्वैलरी इंडस्ट्री को आधुनिक महिलाओं की रुचि के अनुसार स्वयं को ढालना होगाः सी.के बैंकटरमन
December 21, 2019 • Dr. Surendra Sharma

कार्यालय संवाददाता

जयपुर। गत दस वर्षों में जितनी तेजी से उत्पाद और सेवाएं बढ़ी है, उस अनुपात में लोगों के पास पैसा नहीं बढा है। लेकिन अब जैम एवं ज्वैलरी इंडस्ट्री की विभिन्न कैटेगरी में प्रतिस्पर्धा नहीं है। वर्तमान में 10,000 रूपए की घड़ी को 12,000 रूपए के एयरपॉड से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ रही है। इसी प्रकार 2 लाख रूपए के नेकलेस को अब चार लोगों के बैंकांक के हॉलीडे पैकेज के साथ स्पर्धा करनी पड़ रही है। इस इंडस्ट्री को अब यह सोचना होगा कि महिलाओं के टेस्ट में कितना बदलाव आया है। क्या एक ज्वैलरी होने के नाते हम उनके टैस्ट के अनुरूप ज्वैलरी बना रहें हैं या नहीं। इसे यह समझना होगा कि महिलाओं की पसंद कैसे बदल रही है और उन्हें अपनी ज्वैलरी से क्या अपेक्षाएं है। यह बात टाइटन ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री सी.के बैंकटरमन ने कही। वे आज जेईसीसी में आयोजित 16वें जयपुर ज्वैलरी शो (जेजेएस) के उदघाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि शादियां किस तरह से महिलाओं की रूचि को प्रभावित कर रही है, यह इंडस्ट्री के प्रोडक्टस् में दिखना चाहिए। दुल्हन अब ऐसी ज्वैलरी चाहती है तो जो वह शादी के अलावा अन्य समारोह में भी पहन सके। वह कैजुअल आउटफिट के साथ भी चलने वाली ज्वैलरी भी चाहती है। आज जरूरत इस बात की है कि ज्वैलरी कंटेम्पररी हो जो ना सिर्फ आधुनिक युवा महिलाओं को बल्कि आधुनिक वृद्ध महिला को भी पसंद आ सके। समारोह के विशिष्ट अतिथि जैम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) के अध्यक्ष, श्री प्रमोद अग्रवाल ने कहा कि अगले लगभग 20 दिनों में जयपुर के सीतापुरा में भारत की सबसे बड़ी जैम टेस्टिंग लेबोरेटरी का उद्घाटन होगा। अपने कर्मचारियों और अपने कारीगरों के हितों का ध्यान रखने से ही इस इडस्ट्री में विकास संभव है। काउंसिल द्वारा वाणिज्य मंत्रालय से मिल कर जयपुर में एक कॉमन फेसेलिटी सेंटर (सीएफसी) खोलने पर कार्य कर रहे है, ताकि हमारे कारीगरों का हुनर निखर सके। इसी प्रकार समारोह के विशिष्ट अतिथि ऑल इंडिया जैम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (जीजेसी) के अध्यक्ष, श्री अनंत पदमनाभन ने कहा कि सोने पर 12.5 प्रतिशत की कस्टम ड्यूटी है जो कि बहुत ज्यादा है और इसके चलते देश भर में इसकी तस्करी हो रही है जिसके बारे में सरकार को अवगत कराना होगा। इंडस्ट्री को एकजुट हो कर स्मगलिंग को रोकना चाहिए और कस्टम ड्यूटी को घटा कर 6 प्रतिशत कराना चाहिए। सरकार की कस्टम ड्यूटी कम करने की इच्छा है, लेकिन इंडस्ट्री की ट्रेड बॉडीज को संयुक्त रूप से मिल कर सुझाव देने होंगे। जेजेएस के चेयरमैन, श्री विमल चंद सुराणा ने कहा कि जेजेएस जयपुर का मुख्य केन्द्र रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभिन्न जैमस्टोंस और ज्वैलरी को एक थीम के रूप में प्रमोट किया गया हैं। इस बार की __ थीम 'इंस्पायर टू क्रिएट अ फैशन स्टेटमेंट' के जरिए युवाओं की स्टाइल और पसंद को जैम्स और ज्वैलरी के शानदार कलेक्शन के जरिए प्रदर्शित करने का प्रयास किया गया है।