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जून में चंद्र ग्रहण नहीं है-प. नीलेश शास्त्री
May 30, 2020 • Dr. Surendra Sharma

 जून में चंद्र ग्रहण नहीं है - प. नीलेश शास्त्री                   जयपुर। जेष्ठ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा दिनांक 5- 6 जून शुक्रवार को धर्म शास्त्री अनुसार चंद्र ग्रहण नहीं है ।अभी मैं स्पष्ट करके बताता हूं चंद्र ग्रहण कैसे होता है इसके अंदर क्या-क्या देखा जाता है और चंद्रग्रहण बनता कैसे हैं चंद्रमा केतु की ज्योति का समय देखा जाता है पूर्णिमा का आगमन और समाप्ति काल देखा जाता है यह अगर ग्रहण के समय पर नहीं आ रहे हैं तो ग्रहण नहीं होगा और इस समय भी यही हुआ है 5 और 6 जून को चंद्र और केतु का यूपी समय है जो कि 5 जून को नहीं हो रहा है तो जब चंद्र केतु की युति ही नहीं होगी तो ग्रहण कैसे होगा पूर्णिमा काल का समय 5 जून को 3:15 से सुबह मध्यरात्रि तक 6 जून 1241 तक रहेगा तो इस अंतराल में चंद्र और केतु की कहीं भी युति नहीं हो रही है वृश्चिक का चंद्रमा है धनु का चंद्रमा हो नहीं रहा है इसलिए यह चंद्रग्रहण मान्य नहीं है समय काल कम होने के कारण चंद्र ग्रहण नहीं हो रहा है। चंद्र के ऊपर अंशी मातृछाया रहने से चंद्र ग्रहण भारत में मान्य नहीं होगा अपितु एशिया व यूरोप के अधिकांश भागों में अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया ,दक्षिण अमेरिका, हिंद महासागर, अल्टिका व पेसिफिक महासागर में दिखाई देता है । भारत में यह ग्रहण छाया मात्र ही दिखाई देती है अतः यह ग्रहण धर्म शास्त्रीय व्यवस्थाओं के लिए मान्य नहीं है। 21 जून 2020 आषाढ़ कृष्ण पक्ष रविवार को सूर्य ग्रहण है कक्कड़ और खगार सूर्य ग्रहण का 9:55 से दोपहर बाद 2:35 के मध्य अलग-अलग समय पर भारत में दिखाई देगा । 91% तो आकाश वाला मध्य ही दृश्य होगा कहीं पर 99 पॉइंट 5 परसेंट भी दिखाई देगा श्री गंगानगर ,अनूपगढ़ ,श्रीनगर ,विजयनगर ,हनुमानगढ़, पीलीबंगा 99 5% दिखाई देगा। ग्रहण काल में क्या क्या नहीं करना चाहिए। सूर्य ग्रहण को सीधी आंख से नहीं देखना चाहिए । ग्रहण काल में सहन नहीं करना चाहिए। तेल की मालिश नहीं करनी चाहिए। पका हुआ भोजन फल सब्जी आदि को नहीं खाना चाहिए एवं पुष्कर ,गलताजी, हरिद्वार ,प्रयाग राज ,सुप्राटेक, नर्मदा तट आदि तीर्थ स्थानों पर दान करना चाहिए । जिन व्यक्तियों की कुंडली में सूर्य दोष सूर्य ग्रहण दोष मर गई सीसी आद्रा नक्षत्र मिथुन राशि में हो रहा है ऐसे समय जन्म लिए हुए व्यक्तियों के लिए कष्टप्रद रहेगा। आदित्य हृदय स्त्रोत और सूर्य स्त्रोत आदि  धार्मिक ग्रंथों का पाठ करना चाहिए। गेहूं, चावल, मूंग ,तिलहन, गुड़, घी, तेल संग्रह करने वालों को लाभ होगा। पाकिस्तान, अफ़गानिस्तान चीन, कश्मीर राज्य युद्ध ,जनता में आक्रोश, प्रदर रोग पीड़ा और अतिवृष्टि अनावृष्टि हानी होगी यह ग्रहण 5 और 4 से 6 मिनट ही होगा सूर्य ग्रहण स्पष्ट समय 1015 ग्रैंड मध्य 1156 ग्रहण मोक्ष 13 44 पूर्ण काल 329 ग्रहण का सूतक 20 जून को रात्रि 10:00 बजे प्रारंभ होगा मेष वृषभ सिंह कन्या और मकर राशियों के लिए शुभ फल रहेगा मिथुन कर्क वृश्चिक और मीन राशि के लिए शुभ रहेगा धनु तुला और कुंभ के लिए सामान्य रहेगा यह ग्रहण मूल नक्षत्र में धनु राशि में होने से इस नक्षत्र में राशि में जन्म लेने वालों को विशेष कष्टकारी होगा अशोक प्रभाव से बचने के लिए ईश्वर की आराधना दान पुण्य करना चाहिए।