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हनुमान भक्त ज्योतिष विद्वान पंडित मिश्रा जी की 87वी जयंती मनाई
April 8, 2020 • Dr. Surendra Sharma

हनुमान भक्त ज्योतिष विद्वान पंडित मिश्राजी की 87 वी जयंती मनाई
--परिवार सहित  प्रियजनों ने दी भावांजलि
जयपुर
जीवन की गहराइयों को  अपने अंदाज में समझाने वाले कर्मयोगी परम श्रद्धेय ज्योतिष विद्वान पंडित पूर्ण चंद्र मिश्रा जी की 88 जयंती पर परिवारजनों और उनके प्रिय भक्तों ने हनुमान जयंती के अवसर पर पूजा अर्चना के साथ भावांजलि प्रस्तुत की। इस मौके पर उनके जीवन काल में अनेक समाज सेवा सरकारी सेवा में किए गए निस्वार्थ कार्यों को याद किया गया उनके पुत्र केशव शर्मा परमाणु ऊर्जा विभाग रावतभाटा के रिटायर अधिकारी ने बताया कि अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित अलवर जिले के देवती गांव में पंडित नारायण सहाय मिश्र के घर जन्मे श्री पूर्ण चंद मिश्रा जी शुरू से ही सरल स्वभाव सेवाभावी और ठाकुर जी के परम भक्त रहे लगभग 45 वर्ष तक सरकारी सेवा के बाद समाज सेवा से जुड़े रहे ,उनके पुत्र वरिष्ठ पत्रकार हरिओम शर्मा के अनुसार पूज्य पिताजी का जन्म सन 1933 मैं हनुमान जयंती को देवती (राजगढ़) में हुआ। स्वतंत्रता से पहले के उस दौर में ना आज जैसा गांव देवती था और ना ही पारिवारिक हालात अनुकूल थे। बचपन से ही संकटों से जूझने वाले पिताश्री ने प्रारंभिक शिक्षा देवती के बाद आगे की शिक्षा राजगढ़ में पूरी की और इसी दौरान जैसा वे बताया करते थे मात्र 17 वर्ष की आयु में सरकारी सेवा में आ गए। परिश्रम और संघर्ष उनके जीवन के कटु अनुभव रहे। बड़े परिवार की जिम्मेदारी और सामाजिकता निभाने में भी उनका कोई सानी नहीं रहा। राज्यसेवा में 45 साल सेवा देने के बावजूद कभी उन्होंने स्वयं को थका महसूस नहीं किया और अंत तक ऊर्जावान रहे। यही उनके व्यक्तित्व की खास बात थी। धर्म और अध्यात्म उनका रुचिकर विषय रहा। कर्मकांड में दक्षता और ज्योतिष का सटीक ज्ञान उनकी विशेष पहचान बनी। रामायण का अभ्यास तो क्या कहने...रोजमर्रा की बातें हों या परिजन और स्वजनों से चर्चा, वे बात बात में रामायण से जुड़े प्रसंग सुनाए बिना नहीं रहते। फिर राम के साथ हनुमान तो उन्हें अतिप्रिय रहे और जीवन के अंतिम चरण में देवती बांध की पाल पर स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के जीर्णोद्धार में भी उन्होंने खूब रुचि ली। परिवार के ईष्ट देव हनुमानजी के प्रति उनकी अगाध श्रद्धा का आलम यह था कि हर खुशी और पारिवारिक काज पूर्णता  की खुशी का इजहार भी वे बालाजी के दरबार में ही करते। लक्ष्मी चंद महेश चंद गणेश मिश्रा सहित सभी ने जयंती पर ऐसी दिव्यात्मा को नमन करते हुए रामदूत हनुमान से प्रार्थना कि की उनका आशीर्वाद परिजनों, स्वजनों व शुभचिंतकों को सदैव मिलता रहे। पंडित शर्मा जी के भरे पूरे परिवार में धर्मपत्नी राधा गोविंददेव की परम भक्त लाली सुशीलादेवी 5 पुत्र दो पुत्रियां 6 पोत्र तीन पोत्रियां और 3 पड़पोत्र है