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दुष्कर्मी विनय ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दायर की, फांसी पर रोक लगाने की भी मांग की नोटिस दिया जाए। इसके बाद जेल प्रशासन amगाकेगा
January 10, 2020 • Dr. Surendra Sharma

एजेंसी

नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप के चार गुनहगारों में से एक विनय कुमार शर्मा ने आज सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दायर की। इसमें उसने फांसी पर भी रोक लगाने की मांग की है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को निर्भया के चारों दुष्कर्मियों अक्षय कुमार सिंह (31), पवन गुप्ता (25), मुकेश __(32) और विनय शर्मा (26) के खिलाफ डेथ वॉरंट जारी किया था। अदालत ने सभी चारों दोषियों को 22 जनवरी को सुबह 7 बजे फांसी देने का आदेश दिया है। फैसले के बाद सभी दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दायर करने की बात कही थी। पिछले महीने कोर्ट ने तिहाड़ प्रशासन को निर्देश दिया था कि कैदियों को एक बार फिर नोटिस दिया जाए। इसके बाद जेल प्रशासन ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर करने के लिए इन्हें दोबारा से 7 दिन का नोटिस दिया था। इसमें से तीन दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन भी दायर करने की बात कही थी। निर्भया केस में वारदात के 2578 दिन बाद डेथ वॉरंट जारी हुआ था चारों दोषियों को जेल नंबर 3 में फांसी दी जाएगी। तीन दोषी जेल नंबर 2 में रखे गए हैं और एक को जेल नंबर 4 में रखा गया है। निर्भया के केस में वारदात के 2578 दिन बाद डेथ वॉरंट जारी हुआ था। 16 दिसंबर 2012 को निर्भया गैंगरेप का शिकार हुई थी। नौ महीने बाद यानी सितंबर 2013 में निचली अदालत ने दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी। मार्च 2014 में हाईकोर्ट और मई 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा बरकरार रखी थी। डेथ वारंट जारी होने के बाद दोषियों के पास 4 तरह की मोहलत 1. जेल मैनुअल के मुताबिक, दोषी डेथ वॉरंट के खिलाफ 14 दिन में हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं, नहीं तो दोषियों को तय तारीख पर फांसी दे दी जाएगी। 2. हाईकोर्ट भी डेथ वॉरंट बरकरार रखे, तो दोषी सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं। _3. दोषी मई 2017 के सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ भी क्यूरेटिव पिटीशन लगा सकते हैं, जिसमें फांसी की सजा बरकरार रखी गई थी। दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा भी है कि हम एक-दो दिन में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल करेंगे। 5 जजों की बेंच इस पर सुनवाई करेगी। 4. दोषी राष्ट्रपति के पास दया याचिका भी लगा सकते हैं।