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दो दिवसीय राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन सम्पन्न सूर्य और शनि के एक घर में रहने से देश में बिगड़ रहे हालात
December 25, 2019 • Dr. Surendra Sharma

कार्यालय संवाददाता

जयपुर। देश में बिगड़ रहे हालात, हिंसा और राजनैतिक अस्थिरता तथा गिर रही इकोनॉमी के पीछे ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति बड़ा कारण बन रहा है। देश का लग्न वृषण है और गोचर के मुताबिक अष्टम घर में शनि और सूर्य एक साथ हैं और ये दोनों ग्रह आपस में शत्रु हैं जिसका प्रभाव देश पर साफ दिखाई दे रहा है। शहर में चल रहे राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में देश भर से आए प्रमुख ज्योतिषियों ने देश के मौजूदा हालात पर ऐसी ही राय रखी। राजकीय महाराज आचार्य संस्कृत महाविद्यालय में चल रहे इस सम्मेलन के अंतिम दिन मंगलवार को ज्योतिष विद्वानों ने देश के हालात से लेकर ज्योतिषि के विभिन्न पहलुओं और गणनाओं पर दो दिन मंथन किया। कार्यक्रम के आयोजक और संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. भास्कर शर्मा श्रोत्रिय ने बताया कि कार्यक्रम में देशभर से 150 से अधिक ज्योतिषियों ने भाग लिया। मंगलवार को विभिन्न सत्रों में ज्योतिषियों ने धर्म व ज्योतिष विषय पर पत्र वाचन किये। संयोजक डॉ. रवि शर्मा ने बताया कि पत्र वाचन के बाद विद्वत सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्कृत शिक्षा निदेशक हरजीलाल अटल थे, वहीं विशिष्ट अतिथि सालासल धाम के डॉ. नरोत्तम पुजारी, हाथोज धाम के बालमुकुंदाचार्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम संयोजक डॉ. शालिनी सक्सेना ने सभी का आभार प्रकट किया। देश की कुंडली में ग्रहों की विपरीत स्थितिः पंजाब के हरदीप सिढाना ने बताया कि देश की कुंडली का आठवां घर दुख, रोग, मृत्यु, अपमान और अंतर्कलह का आमेर के विकास कारण होता है और इस घर में 6 ग्रह भ्रमण कर रहे हैं जिसके कारण लड़ाई, पैसे का नुकसान, प्राकृतिक आपदाएं हो रही हैं। कुछ गोचरीय स्थिति के कारण सिर्फ महसूस हो रहा है कि देश के मान, आर्थिक स्थिति को नुकसान हो रहा है। जयपुर की शालिनी सालेचा ने बताया कि आगामी 24 जनवरी से शनि के मकर राशि में आने के बाद स्थिति ठीक होनी शुरू होगी। वहीं 13 सितंबर से गुरू मार्गी होंगे तो देश की जीडीपी में भी बढ़ोत्तरी होना शुरू होगी। बृहस्पति के प्रभाव से बार-बार टल रहा विवादः दिल्ली के ज्योतिषि प्रदीप मल्होत्रा ने बताया कि देश की कुंडली के आठवां घर धनु राशि का है जिसका स्वामी बृहस्पति है और वह गोचर में अपनी ही राशि में बैठा है। इस घर में दूसरे ग्रहों के होने के कारण देश के हालात बिगड़ रहे हैं लेकिन इसी घर में स्वामी बृहस्पति के रहने के कारण वे ठीक हो जाते हैं। वर्तमान में एनआरसी के कारण जगह-जगह बनती-बिगड़ रही स्थिति का कारण आठवें घर में दूसरे ग्रह और स्वामी ग्रह का प्रभाव ही है। बृहस्पति का स्वराशि होने के कारण समझाइश से लोगों को वास्तविकता समझ में आएगी और शांतिप्रिय माहौल बनेगा। इस अवसर पर दिल्ली के अभिषेक शर्मा, केरल से दिवाकरण, जयपुर से प्रदीप गुप्ता आदि ने पत्र वाचन किया।