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दो दिन पहले मां से की थी बात, दिल्ली हिंसा : हेडकांस्टेबल रतनलाल होली पर गांव आने का किया था वादा
February 26, 2020 • Dr. Surendra Sharma

जयपुर। सोमवार को दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इसमें दिल्ली पुलिस के हेडकांस्टेबल रतनलाल बारी की मौत हो गई थीरतनलाल राजस्थान के सीकर जिले के रामगढ़ शेखावाटी स्थित तिहावली गांव के रहने वाले थेरतनलाल की मौत की खबर गांव पहुंची तो उनकी बुजुर्ग मां संतरा देवी बेसुध हो गई।

गांव में रतनलाल का छोटा भाई दिनेश और उनकी 70 वर्षीय मां संतरा देवी रहती हैं। परिजन ने बातचीत में बताया कि दो दिन पहले ही रतनलाल ने फोन पर मां और छोटे भाई से बातचीत की थी। तब रतनलाल ने मां से कहा था कि इस बार छुट्टी लेकर परिवार के साथ होली पर वह गांव आएंगे। यहीं, परिवार और गांव के दोस्तों के साथ होली मनाएंगे। रतनलाल की मौत की सूचना मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया। राजस्थान विधानसभा में भी बुधवार को भाजपा विधायकों ने 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।

टूटी परिवार की मजबूत कड़ी, ढाई साल पहले हुई पिता की मौतः ग्रामीणों ने बताया कि करीब ढाई साल पहले रतनलाल के पिता बृजमोहन बारी की मौत हुई थी। तीन भाईयों रतनलाल सबसे बड़े थे। उनका एक छोटा भाई दिनेश गांव में खेतीबाड़ी और गाड़ी चलाकर परिवार का पेट भरता है। वहीं, एक अन्य छोटा भाई रमाकांत बैंगलोर रहकर निजी कामकाज करता परिवार की मजबूत कड़ी सिर्फ रतनलाल ही थे। उनकी मौत अब वह कड़ी भी टूट गई।

ग्रामीणों की मांगरतनलाल को शहीद का दर्जा दिया जाए: रतनलाल के चचेरे भाई ने कहा कि रतनलाल के परिवार को आर्थिक मुआवजा दिया जाए। उसकी शहादत बेकार नहीं आए। साथ ही. रतनलाल को शहीद का दर्जा दिया जाए। वहीं, ग्रामीण सुनील चौधरी ने मांग रखी कि रतनलाल के परिजन को वो मान सम्मान दिया जाए, जो इनका हक है। सुनील ने बताया कि जब कभी रतनलाल छुट्टियों में गांव आते यहां युवाओं से बातचीत करके उन्हें देशसेवा की भावना के लिए प्रेरित करते।