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दिल्ली में आप की जीत के 10 कारण
February 12, 2020 • Dr. Surendra Sharma

1) राष्ट्रवाद v/s स्थानीय मुद्दे 2) केजरीवाल के खिलाफ कोई चेहरा नहीं था 3) कांग्रेस कहीं दिखी ही नहीं 4) शाहीन बाग और सीएए से दूरी 5) सॉफ्ट हिंदुत्व 6) प्राइवेट स्कूलों को फीस बढ़ाने से रोका 7) सरकारी स्कूलों को सुधारा 8) मोहल्ला क्लीनिक 9) मुफ्त बिजली और पानी 10) महिला सुरक्षा और कच्ची कॉलोनियों का निर्माण

दिल्ली चुनाव में हार के बाद बोले मनोज तिवारी- हम नफरत की राजनीति नहीं करते, सीएम केजरीवाल को बधाई दिल्ली चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करने वाली बीजेपी के दिल्ली प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि वे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जीत की बधाई देते हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी नफरत की राजनीति नहीं करती है, लेकिन चुनाव के वक्त जब जैसा माहौल होता है वैसा बयान दिया जाता है।मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली में बीजेपी को सात सीटों पर जीत दिखाया जा रहा है। वे पार्टी की इस करारी हार की समीक्षा करेंगे।दिल्ली प्रदेशाध्यक्ष ने आगे कहा कि जनदेश सिर माथे पर है, लेकिन इस चुनाव में बीजेपी का वोट प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने पिछले चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि बीजेपी को 2015 में 32 फीसदी वोट मिला था, लेकिन इस बार 38.7 फीसदी वोट मिला है। तिवारी ने आगे कहा कि दिल्ली चुनाव को देखकर ऐसा लगता है कि एक नये ट्रेंड की शुरुआत हुई है।

कांग्रेस बोली...हार से पार्टी निराश नहीं बल्कि इससे सीख लेगी और निगम चुनाव में करंगे वापसी 2015 की तरह 2020 के विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी का खाता नहीं खुला है। इस पर कांग्रेस ने कहा है चुनाव में हार से पार्टी निराश नहीं बल्कि इससे सीख लेगी तथा ज्यादा मेहनत कर दो साल बाद होने वाले नगर निगम चुनाव में वापसी करेगी और दिल्ली में फिर मजबूती के साथ खड़े होंगे। दिल्ली कांग्रेस के प्रभारी पी सी चाको, प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा, प्रचार समिति के अध्यक्ष कीर्ति आजाद तथा संचार विभाग के प्रमुख रणदीपसिंह सुरजेवाला ने मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस हार से पार्टी नेता तथा कार्यकर्ता हताश नहीं हैं। पार्टी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने चुनाव के दौरान पूरा परिश्रम किया है लेकिन शायद लोगों तक अपनी बात पहुंचाने में असफल रहे इसलिए चुनाव नतीजे अनुकूल नहीं रहे।