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भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने आमेर विधानसभा में की जनसुनवाई
March 1, 2020 • Dr. Surendra Sharma

अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद में बोले डाॅ. सतीश पूनियां, सभी कौमों को साथ लेकर चलें, उनकी रक्षा करें

डॉ सतीश पूनियां ने आमेर विधानसभा में खाटूश्याम जी की पदयात्रा को ध्वज पूजन कर किया रवाना


जयपुर, 01 मार्च । भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने आज रविवार को अपने विधानसभा क्षेत्र आमेर के विधायक जन संवाद केंद्र पर लोगों की समस्याओं को सुनकर संबंधित अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। जिसमें क्षेत्र के दूरदराज के लोग भारी तादाद में पहुंचे। डाॅ. पूनियां ने अधिकांश समस्या समाधान के लिये त्वरित कार्यवाही करते हुये सम्बन्धित अधिकारियों को फोन करके समस्याओं का निस्तारण किया और अन्य समस्याओं का जिनका हाथों-हाथ समाधान नहीं हो सकता था, उसका प्रोसेज शुरू किया गया। 
जनसुनवाई के साथ ही डॉ पूनियां ने अपनी विधानसभा आमेर के शिव कुण्डा की तलाई से खाटूश्यामजी की 12वीं विशाल पदयात्रा को सभी श्याम भक्तों के साथ ध्वज पूजन कर खाटूधाम के लिए रवाना किया।
उक्त कार्यक्रमों के बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ सतीश पूनियां ने नई दिल्ली में विज्ञान भवन में चल रही अंतरराष्ट्रीय जाट संसद में भाग लिया और कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जाट समाज ने सदैव छोटी क़ौमों की रक्षा की है। उन्होंने समाज के लिए चार संदेश दिए। उन्होंने पहला संदेश में कहा कि जब भारत आजाद हुआ था, पूरे देश में लोकतंत्र स्थापित हो रहा था, तब देश की छोटी-छोटी संख्या वाली जातियां जाट के पीछे खड़ी थी और जाट समाज के लोग न केवल उनकी रक्षा करते थे, बल्कि उनका लालन-पालन भी किया करते थे। उन्होंने समाज के लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि एक बार फिर से जाट समाज को इन छोटी संख्या वाली जातियों के लोगों को साथ लेकर चलना होगा। दूसरे संदेश में पूनियां ने जाट समाज खेत में लोगों का पेट भरने का काम करता है तो बॉर्डर पर देश की रक्षा के लिए सबसे ज्यादा बलिदान देने वाली कौम है। उन्होंने समाज के युवाओं से आह्वान किया कि अब केवल लाठी के जोर पर लड़ाई नहीं जीती जाती, बल्कि दिमाग से भी लड़ना पड़ता है। इसलिए दोनों चीजों का संतुलित रूप से इस्तेमाल करें।
तीसरे संदेश में डॉ सतीश पूनिया ने कहा कि चाहे कोई व्यक्ति कितना भी अच्छा करें, लेकिन उसकी कमियां निकालने के लिए लोग लिखते हैं, दिखाते हैं। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि जाट समाज के लोग लिखने और दिखाने वालों में भी आगे बढ़ें, ताकि समाज की अच्छाइयां दूसरों को दिखाई जा सके।  चौथे संदेश में समाज के युवाओं द्वारा एंटरप्रेन्योरशिप के तौर पर और उद्योगपतियों के रूप में अपनी पहचान बनाने के बारे में उल्लेखित करते हुए पूनियां ने कहा कि खेत से अन्न पैदा करने के साथ ही साथ समाज के युवाओं को व्यापार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने की बहुत जरूरत है।
उन्होंने लोक देवता तेजाजी महाराज, भरतपुर साम्राज्य के संस्थापक महाराजा सूरजमल से लेकर महान शहीद भगत सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि हर क्षेत्र में जाट समाज के लोग आगे हैं। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि बड़े भाई के तौर पर अन्य सभी छोटी तादात वाली जातियों की रक्षा करें और उनको पोषित करने का कार्य भी करें।