नाहटा को एक साथ दो जगह से मिला करोना योद्धा सेवा सम्मान                         
May 29, 2020 • Dr. Surendra Sharma

 नाहटा को एक साथ दो जगह से मिला करोना योद्धा सेवा सम्मान                                                                 व्याबर । पीरियोडिकल प्रेस ऑफ इंडिया के राजस्थान इकाई प्रदेशाध्यक्ष सनी आत्रेय, नेशनल जनरल सेक्रेट्री राकेश प्रजापत  एवं नेशनल प्रेसिडेंट डॉ सुरेंद्र शर्मा ने एवं अजमेर से प्रकाशित समाचार पत्र वीर दुनिया के प्रधान संपादक मनोज शर्मा ने नाहटा को कोरोना योद्धा सम्मान से सम्मानित किया है। गौरतलब है कि लॉक डाउन के दौरान ब्यावर के एस्ट्रोलॉजर एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ दिलीप नाहटा द्वारा लगातार 42 दिनों तक देशभर को निशुल्क रूप से ज्योतिषीय परामर्श देने पर जयपुर एवं अजमेर के पत्रकारों ने ब्यावर के दिलीप नाहटा को कोरोना योद्धा सम्मान के लिए चुना है। नाहटा द्वारा 42 दिनों तक दी गई इस उत्कृष्ट सेवा को देश के कई समाचार पत्रों ने प्रकाशित किया है। कोरोना वायरस के दौरान लॉक डाउन के चलते ब्यावर के एस्ट्रोलॉजर हस्तरेखा विशेषज्ञ दिलीप नाहटा द्वारा ज्योतिष में हस्त रेखाओं के अनुभव के आधार पर मानव कल्याण एवं विश्व कल्याण तथा लोक कल्याण की भावना से देशभर को 6 अप्रैल 2020 महावीर जयंती से लेकर 17 मई 2020 तक यानी 42 दिनों तक लगातार निशुल्क रूप से घर बैठे बैठे ही ज्योतिष में हस्त रेखा के माध्यम से व्हाट्सएप पर आए हजारों लोगों के मैसेजो का बिल्कुल निशुल्क रूप से परामर्श दिया गया है साथ में उनकी समस्याओं का समाधान भी बताया गया है ।                                    इस मानव कल्याण एवं विश्व कल्याण की भावना से लॉक डाउन के दौरान घर बैठे बैठे ही देश भर से आए हजारों लोगों का नाहटा ने हाथ में स्थित हथेली की फोटो एवं जन्मतिथि के आधार पर देश भर की जनता द्वारा पूछे गए 2 सवालों का व्हाट्सएप पर न केवल जवाब दिया अपितु देश भर से आये कई  हजार मैसेजो में से अपने अपने जीवन से हताश होकर निराशाजनक कदम उठाने वाले कई लोगों को ना केवल बचाया अपितु उन्हें ईश्वरीय प्रदत मंत्रों से जोड़कर एवं नॉनवेज छुड़वा कर  कोरोना वायरस के चलते इस आपातकाल की घड़ी में न केवल उनकी हिम्मत बढ़ाई अपितु उन्हें उचित मार्गदर्शन एवं समाधान देकर मानव कल्याण एवं विश्व कल्याण की भावना से अपना अभूतपूर्व योगदान भी दिया है । इस तरह की उत्कृष्ट सेवा देकर नाहटा ने देशभर के कई लोगों का न केवल उनका दिल भी जीता अपितु ज्योतिषीय विद्या के प्रति उनका विश्वास भी बढ़ाया है । गौरतलब है कि नाहटा की 4 अप्रैल 2020 को फेसबुक पर एवं जगह-जगह कोरोना वायरस के संबंध में यह भविष्यवाणी प्रकाशित हुई थी जिसमें उक्त कोरोना वायरस की भविष्यवाणी में नाहटा ने यह भी लिखा था कि 6 अप्रैल 2020 से लेकर 9 जून तक देशभर को निशुल्क रूप से घर बैठे बैठे ही ज्योतिष में हस्त रेखा के माध्यम से अपनी निशुल्क सेवाएं देंगे तथा जनता के द्वारा पूछे गए 2 सवालों का जवाब भी बिल्कुल निशुल्क रूप से देंगे जिसका पालन पिछले 42 दिनों तक नाहटा ने घर बैठे बैठे ही देश भर के हजारों लोगों को अपनी निशुल्क रूप से सेवाएं देकर इस उत्कृष्ट कार्य को पूरा किया है नाहटा का मानना है कि ऐसा उत्कृष्ट कार्य ईस्ट गुरु जैन आचार्य 1008 श्री हस्तीमल जी महाराज साहब के अप्रत्यक्ष रूप से मिले आशीर्वाद से ही संभव हो पाया है ।नाहटा ने यह अवार्ड अपनी माताजी श्रीमती कंचन बाई जी नाहटा एवं पिता जी श्रीमान चेतन मल जी नाहटा के चरणों में एवं अपने इष्ट गुरुवर 1008 आचार्य श्री हस्तीमल जी महाराज साहब के चरणो में जिनका पावन धाम निमाज गांव के बाहर स्थित है जो ब्यावर से जोधपुर जाते समय बीच रास्ते में पड़ता है नाहटा का मानना है कि इन्हीं गुरुवर के आशीर्वाद से यह ज्योतिषीय ज्ञान अप्रत्यक्ष रूप से मुझे सीखने को मिला है और इसके अलावा ब्यावर क्लब ,जैन सोशल ग्रुप एमराल्ड के चरणों में एवं संपूर्ण ब्यावर के सभी मित्रों के चरणों में एवं संपूर्ण ब्यावर की जनता के चरणों में एवं संपूर्ण अजमेर जिले की जनता के चरणों में एवं संपूर्ण राजस्थान की जनता के चरणों में एवं संपूर्ण भारत की जनता के चरणों में समर्पित किया है। इसके अलावा भारत देश के संपूर्ण विद्वान ज्योतिषी के चरणों में भी समर्पित किया है इसके अलावा जैन होने के नाते जैन धर्म के सभी 24 तीर्थंकरों के चरणों में यानी प्रथम जैन तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव स्वामी जी से लेकर अंतिम 24 वे जैन तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी जी के चरणों में एवं देशभर के संपूर्ण जैन संप्रदाय एवं संपूर्ण जैन समाज के चरणों में एवं देशभर के संपूर्ण नाहटा परिवार के चरणों में यह अवार्ड समर्पित किया है नाहटा का मानना है कि इस अवॉर्ड् का सम्मान मेरा नहीं है अपितु सच्चे रूप से यह भारत देश के संपूर्ण विद्वान ज्योतिषियों का एवं भारत देश के संपूर्ण विषयों एवं मुनियों जैसे आर्यभट्ट, वराह मिहिर, ब्रह्म ऋषि, ऋषि पाराशर, ऋषि अगस्त, महावीर, बुद्ध ,राम ,कृष्ण, हनुमान, शिव आदि महापुरुषों के द्वारा दिए गए ज्ञान का सम्मान है जय गुरु हस्ती जय पद शरणम।