अब दुनिया में गूँजा राजस्थान मॉडल               
June 28, 2020 • Dr. Surendra Sharma

 अब दुनिया में गूँजा राजस्थान मॉडल                              सात समंदर पार पहुंची मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की प्रसिद्धि यूरोप ,अमेरिका, रशिया, मिडल ईस्ट से लौटे प्रवासियों ने बताई विदेशों में सुनी प्रदेश में कोरोना से मुकाबले की कामयाबी की कहानी                                                        विदेशों में कई शहरों में कोरोना प्रसार जयपुर और प्रदेश से कम फिर भी राजस्थान में उसके प्रबंधन पर विश्वास के कारण प्रवासी राजस्थान  लौट आए                                                                                                                           जयपुर । कोरोना महामारी विश्व के लिए एक नई चुनौती है जिसे सदी की चुनौती कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं !लेकिन इस चुनौती को स्वीकार कर इससे मुकाबले और हराने की तैयारी में जो माइक्रोमैनेजमेंट और कौशल राजस्थान ने दिखाया है ,उसकी चर्चा देश में ही नहीं अब दुनिया भर में भी हो रही है । "भीलवाड़ा मॉडल "जयपुर मॉडल के बाद अब दुनिया भर में "राजस्थान मॉडल " की सराहना की जा रही है ।प्रदेश में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में विश्वास कर यूरोप, अमेरिका, मध्य  एशिया से राजस्थान लौटे प्रवासी राजस्थानी बताते हैं कि विदेश में रहकर भी नजर भारत और राजस्थान पर रहती थी । सोशल मीडिया वेबसाइट एवं टीवी चैनल से लगातार जानकारी मिलती रहती थी कि किस तरह कई देशों की आबादी से ज्यादा आबादी और कई देशों के क्षेत्रफल से ज्यादा क्षेत्रफल वाले राजस्थान में इस महामारी से मुकाबला किया जा रहा है। बाहर से लौटकर आए यह सभी प्रवासी वहां घूमने नहीं गए थे इनमें से कई तो वर्षों से वहां अपने अपने काम धंधे में लगे थे या नौकरियां कर रहे थे लंबे समय से वहीं रह रहे थे । बड़ी संख्या  उन युवाओं की थी जो कजाकिस्तान, यूक्रेन, किर्गिस्तान, रशिया जैसे देशों में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे । कोई 3 साल से वहां पढ़ाई कराकर रहा था  तो कुछ को  गए कुछ ही माह हुए थे । कोरोना संक्रमण की आशंका के दौरान जब यह सभी मई माह की अलग-अलग तारीख और समय पर जयपुर एयरपोर्ट पहुंचे तो राजस्थान की धरती पर कदम रखते ही उनके चेहरों पर घर वापसी का सुखद एहसास था। मानो बहुत बड़ा बोझ उतर गया हो और अब वह मदरलैंड की गोद में सुरक्षित रहेंगे । इस एहसास का सबसे बड़ा कारण यह भी था कि बाहर रहकर भी सभी इस बात से वाकिफ है पिछले 65- 70 दिन में यहां क्या गुजरा है और किस कौशल के साथ कोरोना महामारी का यहां प्रबंधन किया गया है। सभी ने यहां के भीलवाड़ा मॉडल जयपुर मॉडल s.m.s. अस्पताल द्वारा कोरोना इलाज के लिए चार दवाओं की सहायता से स्वयं विकसित किए गए चिकित्सा प्रोटोकॉल बेहतर वारंटी फैसिलिटी एवं प्रबंधन कोरोना जांचों के लिए अपनाए गए मॉडल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा श्रमिक दिहाड़ी मजदूरों और हर जरूरतमंद के लिए लागू किए गए राहत पैकेज लॉकडाउन से पहले एवं लोक डाउन के बाद में उठाए गए कदमों के बारे में पहले से काफी पढ़ सुन रखा था । कोई भूखा नहीं सोए, पशु पक्षियों में भी जान हैं, किसी को नौकरी से नहीं निकाला जाए ,श्रमिक कैंपों की स्थापना, श्रमिक स्पेशल निशुल्क बस सेवा जैसे कई प्रयासों की जानकारी भी कई प्रवासियों को थी । लोग तो यहां तक जागरूक थे कि किस तरह मुख्यमंत्री प्रतिदिन समीक्षा बैठकों और 65 से ज्यादा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के हर छोटे-बड़े शहर एवं ग्रामीण अंचल पर नजर बनाए हुए हैं और हर एक एक विषय पर बारीकी से निर्णय किया जा रहा है। साथ ही कोरोनावरियर्स जैसे डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, प्रशासन, पुलिस, स्वच्छता कर्मी, शिक्षक ,पटवारी ,ग्राम विकास अधिकारी, अन्य सरकारी कर्मी, सामाजिक संगठन, भामाशाह, वार्ड पंच से लेकर मंत्री तक के जनप्रतिनिधियों, मीडिया कर्मियों एवं जनसंपर्क कर्मियों की लगातार सराहना तथा उत्साहवर्धन करते हुए महामारी से प्रभावी मुकाबले की रणनीति लागू की। इसी रणनीति का नतीजा है कि लगभग 75% मरीज ठीक हो चुके हैं। और एक्टिव केसेज की संख्या मात्र 2641 ही बची है ।सभी राजनीतिक दल सांसद विधायक से लेकर सरपंच तक जनप्रतिनिधियों अधिकारी कर्मचारी मीडिया धार्मिक गुरु उद्यमी 50 देशों में रह रहे प्रवासी राजस्थानी एवं अन्य वर्गों से इस संकट के समय सीधा संवाद रखा गया । यही भरोसा था जो उनको सात समंदर पार से राजस्थान खींच लाया। भारत सरकार द्वारा 10 बड़े राज्यों के मूल्यांकन में स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा की सक्रियता से पूरे स्वास्थ्य विभाग में दिन-रात काम कर प्रतिदिन 25 हजार से ज्यादा जांच क्षमता 2 दशमलव 25% की मृत्यु दर केस डबल होने की दर 21 दिन से ज्यादा जैसे अनेक पैरामीटर पर  भारत में अव्वल स्थान प्राप्त किया है।