बजट मेँ कर्मचारियों की उपेक्षा से कर्मचारी वर्ग मेँ घोर निराशा
बजट मेँ कर्मचारियों की उपेक्षा से कर्मचारी वर्ग मेँ घोर निराशा
जयपुर । अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र राना ने राज्य के बजट पर प्रति क्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा दिए गए बजट से कर्मचारियों को भारी निराश हुई है। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री के कर्मचारी नेताओं के साथ बजट पूर्व संवाद के बाद चार पदोन्नति परिलाभ 8/16/24/32 दिए जाएंगे,मगर ऐसा नहीं हुआ, वहीं वेतन विसंगति सम्बन्धी खेमराज कमेटी रिपोर्ट मेँ अनसुलझी वेतन विसंगति ,2 वर्ष से अधिक की संविदा सेवा से नियमित होने वाले कार्मिको को प्रोवेशन से मुक्ति ,50%पेंशन के लिए देहली की तरह अनिवार्य राजकीय सेवा अवधि 25 वर्ष से घटाकर 20 वर्ष करने, संविदा कार्मिको के नियमितीकरण सम्वन्धी लंबित पत्रावली इत्यादि किसी भी प्रमुख मांग पर कोई विचार नहीं किया जाना दुर्भाग्य पूर्ण है! वहीं शिक्षा विभाग में नवक्रमोन्नत विद्यालयों में व्याख्याता के नव पद सृजित करने तथा दिव्यांगों की शिक्षा हेतु विशेष शिक्षकों की व्यवस्था एवं इंफ्रास्ट्रक्चर का कोई प्रावधान भी नहीं किया गया ।
ऐसे में कर्मचारीयों में बजट को लेकर मायूसी है, ऐसे मेँ अब कर्मचारी मुख्यमंत्री से उम्मीद करते है कि बजट घोषणा के प्रति उत्तर में इन बातों पर मुख्यमंत्री प्रसंज्ञान लेंकर कर्मचारीयो की भावनाओं के अनुरूप घोषणा करें ताकि कर्मचारी वर्ग आंदोलन की राह चलने को विवश नहीं हों ।
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